एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि अप्रैल माह से राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय एवं अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नैदानिक सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ पैरामेडिकल स्टाफ और चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए ठोस कदम उठा रही है, ताकि मरीजों को बेहतर और समयबद्ध उपचार सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त पदों का सृजन भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला में शीघ्र ही पैट स्कैन और रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके अलावा राज्य के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाना तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा में पहले से ही रोबोटिक सर्जरी सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। राज्य सरकार ‘आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों’ को भी सुदृढ़ कर रही है, जिससे लोगों को उनके घर-द्वार के निकट बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में सुविधाओं के उन्नयन पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाएं विभाग (डीएचएस) में 300 डॉक्टरों के प्रशिक्षण और अवकाश रिजर्व कोटा बनाने के निर्देश दिए, ताकि पीजी कोर्स के लिए जाने वाले डॉक्टरों के कारण उत्पन्न रिक्तियों से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों और इन पदों को तुरंत भरा जा सके। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में छोटे बैच बनाने के भी निर्देश दिए और कहा कि किसी भी कक्षा में 60 से अधिक छात्र नहीं होने चाहिए। गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार नए लेक्चर थिएटरों के निर्माण में भी सहायता प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना के तहत कार्य किया जा रहा है, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए इन कदमों से जहां मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं मिलेंगी, वहीं चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को भी बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को सभी पहलों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता व्यापक स्तर पर लाभान्वित हो सके।
बैठक में सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, विशेष सचिव अश्विनी कुमार, निदेशक आयुष निपुण जिंदल, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
