एआरबी टाइम्स ब्यूरो, मंडी
अपूर्व देवगन, उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) मंडी ने जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को स्कूल आपदा प्रबंधन योजना (एस.डी.एम.पी) अनिवार्य रूप से तैयार कर वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए हैं। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
1291 विद्यालयों ने ही बनाई एसडीएमपी
उपायुक्त द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत जारी आदेशों में बताया गया कि अब तक केवल 1291 विद्यालयों ने स्कूल सेफ्टी ऐप के माध्यम से अपनी एसडीएमपी तैयार कर प्रस्तुत की है।
हालांकि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से DIET Mandi के माध्यम से क्षमता निर्माण प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है, फिर भी अनेक विद्यालयों में योजना का वास्तविक क्रियान्वयन शुरू नहीं हुआ है। यह स्थिति संभावित आपदा की स्थिति में गंभीर जोखिम उत्पन्न कर सकती है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 से सख्ती और बढ़ेगी
निर्देशों के अनुसार:
सभी विद्यालय प्राथमिकता के आधार पर एस.डी.एम.पी तैयार करें।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति से पहले योजना पूर्ण कर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 से प्रत्येक शैक्षणिक सत्र शुरू होने के एक माह के भीतर योजना तैयार, अपडेट और लागू करना होगा।
नियमित मॉक ड्रिल और आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
लापरवाही पर तय होगी व्यक्तिगत जिम्मेदारी
आदेशों में चेतावनी दी गई है कि यदि किसी संस्थान में बिना स्वीकृत एस.डी.एम.पी के कोई अप्रिय घटना होती है, तो संबंधित संस्थान प्रमुख के साथ-साथ ब्लॉक और जिला स्तरीय अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और इनके अक्षरशः अनुपालन के निर्देश जारी किए गए हैं।
