एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
रामपुर ब्लॉक किसान सभा का 7वां सम्मेलन किसान मजदूर भवन, चाटी में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन हिमाचल किसान सभा के जिला महासचिव देवकी नंद ने किया। उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसान विरोधी नीतियों को लागू कर रही हैं, जिनके कारण किसान, मजदूर और आम मेहनतकश जनता के लिए जीवन यापन करना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा न्यूजीलैंड, यूरोपीय यूनियन और अमेरिका के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों का सबसे अधिक असर किसानों और बागवानों पर पड़ेगा। उनके अनुसार ये समझौते किसानों के हितों के विरुद्ध हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर वीबी ग्राम जी करना मजदूरों के हितों के खिलाफ है और इससे रोजगार के अधिकार को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा स्मार्ट मीटर, परियोजना प्रभावित किसानों की समस्याएं, दुग्ध उत्पादक संघ से जुड़े मुद्दे, बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
सम्मेलन में जमीन की बेदखली के खिलाफ आवाज उठाई गई। दुग्ध उत्पादकों और सेब उत्पादकों की समस्याओं, निरमंड क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों में पड़े रिक्त पदों सहित अन्य स्थानीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
सम्मेलन के दौरान 27 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। इसमें प्रेम चौहान को अध्यक्ष, रणजीत ठाकुर को महासचिव, तुला राम, कृष्णा राणा और दर्शन को उपाध्यक्ष, दयाल, हरदयाल कपूर और गंगा राम को सचिव तथा सुभाष को कोषाध्यक्ष चुना गया।
