एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
राज दरबार में आयोजित ऐतिहासिक चार दिवसीय फाग मेला रविवार को देव विदाई के साथ समाप्त हो गया। मेला आयोजक नगर परिषद की ओर से नजराना राशि देकर देवी-देवताओं को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इस बार जिला स्तरीय मेले में शिमला और कुल्लू जिले के 20 देवी-देवता पहुंचे थे। पिछले दिनों दिनों की तरह आखिरी दिन भी देव दर्शन के लिए राज दरबार में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लोगों ने न सिर्फ देवताओं से सुख शांति का आशीर्वाद लिया, बल्कि देवलुओं के साथ नाटी भी डाली।
रविवार को दोपहर बाद राज महल परिसर में मेला कमेटी ने बारी-बारी से सभी देवी-देवताओं को नजराना राशि भेंट कर विदा किया गया। नगर परिषद ने सभी देवी-देवताओं को कुल चार लाख रुपये से अधिक की नजराना राशि भेंट की गई। इससे पहले सुबह शहर के अलग-अलग मंदिरों मेें ठहरे देवी-देवता एनएच-5 से यात्रा कर राज दरबार परिसर पहुंचे। यहां वाद्ययंत्रों की धुनों पर दिनभर नाटी का दौर चलता रहा। चार दिनों तक चले इस सांस्कृतिक मेले में क्षेत्र की समृद्ध देव संस्कृति, लोक परंपराएं और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।
बूढ़ा सरौहणी देवता के देवलुओं की नार्टी रही सबसे अच्छी
फाग मेले के दौरान जिन देवी-देवताओं के देवलुओं ने शोभायात्रा समेत दरबार परिसर में पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा और विशाल नाटी सजाने पर कुल्लू जिले के बागा सराहन के इष्ट देवता बूढ़ा सरौहणी को 5,500 रुपये का प्रथम पुरस्कार दिया गया। वहीं देवता साहिब धारा सरघा को 3,500 रुपये का द्वितीय पुरस्कार मिला। जबकि देवता साहिब कमडाली, देवता डाबर कुंडू और नव दुर्गा माता गांवबील को 2,500 रुपये का संयुक्त तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
