एआरबी टाइम्स ब्यूरो | सुंदरनगर
हिमाचल प्रदेश में परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक सात दिवसीय नलवाड़ एवं किसान मेला का शुभारंभ नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने किया। मेले का उद्घाटन नागौण खड्ड में खूंटा गाड़कर वृषभ पूजन के साथ हुआ। इससे पूर्व लोक निर्माण विश्राम गृह से भव्य शोभा यात्रा भी निकाली गई।
धर्माणी ने जवाहर पार्क में जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेला पूर्व सुकेत रियासत के राजाओं द्वारा प्रारंभ किया गया था और इसकी पारंपरिक पहचान आज भी कायम है। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल में यह मेला उत्तरी भारत के सबसे बड़े पशु मेलों में गिना जाता था। आधुनिक कृषि तकनीकों और मैदानी क्षेत्रों में ट्रैक्टरों के उपयोग के बावजूद, नलवाड़ मेला अपनी सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान को बरकरार रखे हुए है। मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद प्रतियोगिताएं और व्यावसायिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था और प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहित करती हैं।

बजट में ग्रामीण और किसान कल्याण पर फोकस
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट का फोकस ग्रामीण उत्थान, किसानों, महिलाओं और युवाओं के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है।
- गाय का समर्थन मूल्य: ₹61 प्रति लीटर
- भैंस का दूध: ₹71 प्रति लीटर
- अदरक: ₹30 प्रति किलोग्राम
- हल्दी: ₹150 प्रति किलोग्राम
- गेहूं: ₹60 प्रति किलो
- मक्की: ₹50 प्रति किलो
उन्होंने बताया कि प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में सुधार हुआ है और अब हिमाचल का स्थान 21वें से बढ़कर 5वें स्थान पर पहुंच गया है। 199 नए CBSE स्कूल खोले जा रहे हैं। तकनीकी शिक्षा में रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए मेडिकल कॉलेज नेरचौक सहित अन्य संस्थानों में विशेषज्ञों की नियुक्ति की जा रही है। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को ₹7–8 लाख तक की सहायता दी गई है। इस अवसर पर एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी, अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम के अध्यक्ष लाल सिंह कौशल, एपीएमसी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, जिला मंडी कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा चंपा ठाकुर, झंडूता और नाचन क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
