एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
भारत की सबसे बड़ी भूमिगत जल विद्युत परियोजना, एसजेवीएन की 1500 मेगावाट क्षमता वाली नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन (एनजेएचपीएस) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7506.617 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह परियोजना के इतिहास का दूसरा सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन है। इस उपलब्धि के साथ ही परियोजना ने मार्च 2026 में 150 बिलियन यूनिट (बीयू) संचयी बिजली उत्पादन का ऐतिहासिक आंकड़ा भी पार कर लिया, जो स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में इसकी दीर्घकालिक उत्कृष्टता को दर्शाता है।
मई 2004 में शुरू होने के बाद से एनजेएचपीएस लगातार उच्च परिचालन विश्वसनीयता बनाए हुए है और उत्तरी ग्रिड की रीढ़ के रूप में कार्य करते हुए चरम मांग के समय भी स्थिर एवं हरित ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है।
एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे तकनीकी दक्षता, अनुशासित कार्य संस्कृति और समर्पण का परिणाम बताया। उन्होंने बताया कि परियोजना का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन 2011-12 में 7610.257 मिलियन यूनिट रहा है। निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा ने इस सफलता का श्रेय कर्मचारियों को देते हुए कहा कि परियोजना ने रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के विकास और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है। वहीं निदेशक (वित्त) पार्थजीत डे ने इसे देश के ऊर्जा क्षेत्र में परियोजना के असाधारण योगदान का प्रमाण बताया।
इस अवसर पर कॉर्पोरेट मुख्यालय से कार्यकारी निदेशक रवि राजन भी उपस्थित रहे। परियोजना प्रमुख राजीव कपूर ने इस उपलब्धि के लिए एसजेवीएन प्रबंधन, भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, हिमाचल प्रदेश सरकार तथा शिमला व किन्नौर जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे मजबूत टीमवर्क और सभी हितधारकों के सहयोग का परिणाम बताया।
