रामपुर के खनेरी स्थित महात्मा गांधी चिकित्सा परिसर में संचालित सरकारी नर्सिंग संस्थान में कथित कुप्रबंधन और छात्राओं के शोषण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्व हिमकोफेड अध्यक्ष एवं भाजपा युवा नेता कौल सिंह नेगी ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर और निंदनीय बताते हुए सरकार व प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कहा कि मीडिया में सामने आई रिपोर्टें प्रदेश की स्वास्थ्य शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशिक्षु नर्सों से मेस के नाम पर प्रति माह 3600 रुपये वसूले जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पौष्टिक भोजन तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि छात्राओं से रसोई कार्य करवाने, लंबे समय से बिना टेंडर के मेस संचालन, एक कमरे में 15-15 छात्राओं को ठूंसकर रखने और 85 छात्राओं के लिए केवल एक शौचालय होने जैसे मामले बेहद चिंताजनक हैं। इसके अलावा छात्राओं से बंदर भगाने जैसी ड्यूटी लगवाने के आरोप भी सामने आए हैं, जो पूरी तरह अमानवीय हैं।
नेगी ने बताया कि संस्थान की लाइब्रेरी लंबे समय से बंद है, जिससे छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि छात्राओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही छात्राओं को निर्धारित मानकों के अनुसार पौष्टिक भोजन, बेहतर हॉस्टल सुविधा और पर्याप्त शौचालय उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत करने पर छात्राओं को डराने-धमकाने के आरोपों की अलग से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर ऐसी स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा छात्राओं के हित में आंदोलन करने को मजबूर होगी।
