एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब और हरियाणा से तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, वित्तीय लेनदेन और बैकवर्ड लिंकेज की जांच के आधार पर इन आरोपियों तक पहुंच बनाई। गिरफ्तार किए गए आरोपी शिमला में चिट्टा सप्लाई करने वाले नेटवर्क के कथित सरगना बताए जा रहे हैं।
एडिशनल एसपी अभिषेक ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि 18 मई को संजौली थाना क्षेत्र में पुलिस ने रवि कुमार उर्फ बंटी से करीब 26 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी अपनी डेयरी दुकान की आड़ में नशीले पदार्थों का कारोबार चला रहा था। जांच में पता चला कि आरोपी ग्राहकों से विभिन्न QR कोड स्कैनर के माध्यम से भुगतान करवाता था। इन पैसों का इस्तेमाल चिट्टा खरीदने में किया जाता था। भुगतान करने वाले ग्राहकों को इसकी जानकारी नहीं होती थी।
तरनतारन से पकड़ा गया मुख्य सप्लायर
बैंकिंग और तकनीकी जांच के दौरान पता चला कि रवि कुमार पंजाब के तरनतारन जिले के एक युवक को नशे की खेप के बदले पैसे भेज रहा था। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के कथित सरगना शवनदीप निवासी पट्टी, जिला तरनतारन (पंजाब) को जंडियाला से गिरफ्तार कर लिया। दूसरा मामला बालूगंज थाना क्षेत्र का है। यहां पुलिस ने 18 मई को जय सिंघला निवासी बसाल, सोलन के कब्जे से 14 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। आरोपी से पूछताछ के दौरान पुलिस ने सप्लाई चेन और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की।जांच में सामने आया कि मोगा निवासी अमृतपाल इस नेटवर्क का संचालन कर रहा था, जबकि हरियाणा के कुलदीप सिंह द्वारा चिट्टे की आपूर्ति की जा रही थी। पुलिस के अनुसार जय सिंघला और अमृतपाल के बीच संपर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से हुआ था। बैंक खातों की जांच में लाखों के लेनदेन के सबूत मिलने के बाद पुलिस ने अमृतपाल निवासी गुरु अर्जुन नगर, मोगा (पंजाब) और नेटवर्क हैंडलर कुलदीप सिंह निवासी नारायणगढ़, जिला अंबाला (हरियाणा) को अमरावती-पिंजौर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
