एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला । हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और बंद सड़कों को तुरंत बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिए कि विभाग किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर तैयार रहे।
15,500 जवान और 1,156 मशीनें चौबीसों घंटे तैनात
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि सड़कों को खुला रखने के लिए प्रदेशभर में लगभग 15,500 फील्ड कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जिनमें 11,137 बेलदार और 4,228 मल्टी टास्क वर्कर शामिल हैं। इसके साथ ही जेसीबी (JCB), डोजर, रोबोट और टिप्पर जैसी 1,156 विभागीय व निजी मशीनें चौबीसों घंटे सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगी। यदि भारी भूस्खलन के कारण कोई पुल टूटता है, तो त्वरित संपर्क बहाली के लिए छह बेली ब्रिज भी पूरी तरह तैयार रखे गए हैं।
अस्पतालों और आपातकालीन केंद्रों के रास्तों को प्राथमिकता
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि बरसात से पहले विभाग ने करीब 156 किमी सड़कों की रीसर्फेसिंग, 925 किमी सड़कों पर पैचवर्क और लगभग 8,893 किमी ड्रेनेज चैनलों व कलवर्टों की सफाई का काम पूरा कर लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पतालों, पुलिस स्टेशनों, शिक्षण संस्थानों और बिजली-पानी के केंद्रों तक जाने वाली सड़कों को निर्बाध रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही, भूस्खलन संभावित संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के लिए विभाग स्तर पर 24×7 नियंत्रण कक्ष भी स्थापित करने के आदेश दिए गए हैं।
