एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश में हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को मंडी-चंडीगढ़ और कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ के बीच नई हेलीकॉप्टर सेवाओं की वर्चुअल शुरुआत की। पहले दिन खराब मौसम के कारण उड़ान संचालित नहीं हो सकी, लेकिन मौसम साफ रहने पर अब इस मार्ग पर प्रतिदिन दो उड़ानें संचालित की जाएंगी। ये सभी सेवाएं मंडी के नवनिर्मित कांगनीधार हेलीपोर्ट से चलेंगी।
यह रहेगा उड़ानों का शेड्यूल
कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ मार्ग पर हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 6 सीटर (यात्री क्षमता) हेलीकॉप्टर के जरिए सेवाएं दी जाएंगी। इसका समय इस प्रकार है:
कुल्लू से मंडी: सुबह 9:00 बजे प्रस्थान -9:10 बजे आगमन
मंडी से चंडीगढ़: सुबह 9:15 बजे प्रस्थान -9:45 बजे आगमन
चंडीगढ़ से मंडी (वापसी): सुबह 10:00 बजे प्रस्थान -10:30 बजे आगमन
मंडी से कुल्लू (वापसी): सुबह 10:35 बजे प्रस्थान -10:45 बजे आगमन
क्या है किराया?
मंडी-चंडीगढ़ सेक्टर (भारत सरकार की आरसीएस-उड़ान योजना के तहत) का किराया 3,500 रुपये और कुल्लू-मंडी-चंडीगढ़ सेक्टर (गैर-आरसीएस मॉडल) का किराया 8,500 रुपये प्रति सवारी तय किया गया है।
पर्यटन को लगेगा पंख, हर जिले में बनेंगे हेलीपोर्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सेवा से पर्यटन, व्यापार और निवेश गतिविधियों को गति मिलेगी और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के हर जिला मुख्यालय और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर नए हेलीपोर्ट बनाए जा रहे हैं। हमीरपुर (जसकोट), कांगड़ा (रक्कड़ और पालमपुर) तथा चंबा में हेलीपोर्ट का काम अंतिम चरण में है। वहीं, ऊना, नाहन, सोलन और लाहौल-स्पीति के रंगरीक में भी सेना के सहयोग से हेलीपोर्ट निर्माण की योजना पर काम चल रहा है।
