एआरबी टाइम्स ब्यूरो | कुल्लू
उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को ‘एड्स सुरक्षा हेतु जन-सक्रियता अभियान’ (एमएएस) तथा राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) द्वारा निर्धारित 95:95:99 लक्ष्यों और एचआईवी, सिफलिस तथा हेपेटाइटिस-बी के मां से शिशु में संक्रमण की रोकथाम (त्रिस्तरीय संक्रमण उन्मूलन) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि 1 दिसंबर 2026 तक जिले में 95:95:99 के लक्ष्यों को हर हाल में प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रभावी, परिणामोन्मुख एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार कर उसे जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू किया जाए, ताकि कार्यक्रम के क्रियान्वयन में आने वाली कमियों को समय रहते दूर किया जा सके।
बैठक में बताया गया कि नाको द्वारा जिलों को चार श्रेणियों—‘सुरक्षित प्लस’, ‘सुरक्षित’, ‘सक्षम’ और ‘संघर्षशील’—में वर्गीकृत किया गया है। अप्रैल 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल्लू जिला वर्तमान में ‘संघर्षशील’ श्रेणी में है। इस पर उपायुक्त ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिले को जल्द से जल्द ‘सुरक्षित’ तथा आगे चलकर ‘सुरक्षित प्लस’ श्रेणी में लाने के लिए मिशन मोड में कार्य करना होगा।उन्होंने प्रसव पूर्व देखभाल के अंतर्गत सभी गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत एचआईवी, सिफलिस और हेपेटाइटिस-बी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मां से शिशु में संक्रमण के मामलों को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि एड्स की रोकथाम, जांच, उपचार और देखभाल से संबंधित सेवाओं को जिले के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचाना आवश्यक है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और संबंधित संस्थाओं को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना होगा, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ पहुंच सके। उन्होंने नाको के निर्देशानुसार प्रत्येक माह नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने तथा कार्यक्रम की प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए।
बैठक के उपरांत उपायुक्त ने क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की भी अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को टीबी उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणजीत ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुरेश, डॉ. आर.के. कोहली सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
