एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
मानसून सीजन के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन शिमला ने 30 सितंबर 2026 तक मिशन मोड में कार्य करने का निर्णय लिया है। उपायुक्त एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अनुपम कश्यप ने इस अवधि के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जिले में बादल फटना, अतिवृष्टि, भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, सड़क संपर्क बाधित होना, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति प्रभावित होना तथा सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को नुकसान जैसी घटनाओं में वृद्धि हुई है। ऐसे में मानव जीवन की सुरक्षा, राहत एवं बचाव कार्यों का त्वरित संचालन तथा आवश्यक सेवाओं की शीघ्र बहाली प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। निर्देशों के अनुसार जुलाई, अगस्त और सितंबर के दौरान सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने-अपने मुख्यालयों पर उपस्थित रहेंगे और किसी भी आपदा या आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए हर समय तैयार रहेंगे।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि पहले से स्वीकृत सभी अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त माने जाएंगे। केवल अत्यंत आवश्यक एवं अपरिहार्य परिस्थितियों में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति से ही अवकाश स्वीकृत होगा। इस अवधि में सामान्य परिस्थितियों में कोई नया अवकाश भी स्वीकृत नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारियों को बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही मोबाइल फोन और अन्य संचार माध्यम हर समय सक्रिय रखने होंगे। संपर्क विवरण में किसी भी बदलाव की सूचना तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी को देनी होगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि व्हाट्सएप या अन्य अनौपचारिक माध्यमों से भेजे गए अवकाश संबंधी संदेशों को वैध आवेदन या स्वीकृति नहीं माना जाएगा। बिना औपचारिक अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने या मुख्यालय छोड़ने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने अतिरिक्त उपायुक्त, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, उपमंडल अधिकारियों, सहायक आयुक्त, जिला राजस्व अधिकारी, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, कार्यकारी दंडाधिकारियों, कानूनगो, पटवारियों सहित आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उच्च स्तर की सतर्कता बनाए रखने तथा सभी विभागों एवं एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि मानसून अवधि में खोज एवं बचाव, राहत, पुनर्वास तथा आवश्यक सेवाओं की शीघ्र बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आपातकालीन तैनाती के लिए हर समय तैयार रहना होगा। निर्देशों के किसी भी स्तर पर उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
