एआरबी टाइम्स ब्यूरो , शिमला | हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक (माध्यमिक) विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहली से आठवीं कक्षा तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को मुफ्त वर्दी योजना के तहत ₹600 की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। यह राशि पारदर्शी व्यवस्था के तहत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी, ताकि अभिभावक बिना किसी परेशानी के बच्चों के लिए स्कूल ड्रेस खरीद सकें।
किन्हें मिलेगा योजना का लाभ?
शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के प्रावधानों के तहत शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की पढ़ाई में मदद करना है। कक्षा 1 से 8वीं तक अध्ययनरत सभी वर्ग की छात्राओं को यह सहायता मिलेगी। कक्षा 1 से 8वीं तक के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और गरीबी रेखा से नीचे वर्ग के छात्रों को प्रति विद्यार्थी ₹600 की राशि दी जाएगी।
शिक्षा निदेशालय सख्त: 3 अगस्त तक मांगा ब्योरा
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने योजना को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए प्रदेश के सभी जिला उपनिदेशकों (प्रारंभिक शिक्षा) को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी जिलों को 3 अगस्त 2026 तक पात्र विद्यार्थियों का संपूर्ण ब्यौरा और संबंधित कार्यालय के बैंक खातों की जानकारी निदेशालय को भेजनी होगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए शिक्षा विभाग ने दो अलग-अलग दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एक पीएम श्री (PM SHRI) स्कूलों के लिए और दूसरा अन्य सभी सरकारी विद्यालयों के लिए। प्रदेश सरकार की इस पहल से ग्रामीण और गरीब परिवारों के अभिभावकों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा। सीधे खातों में पैसे आने से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और अभिभावक गुणवत्तापूर्ण स्कूल ड्रेस अपनी पसंद से खरीद सकेंगे।
