एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन खंड रामपुर की कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को रामपुर में खंड अध्यक्ष बुद्धि सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सिटी रामपुर के जोन प्रभारी एवं जिला शिमला से विशेष रूप से उपस्थित हरदयाल सिंह ने भी भाग लिया। इस दौरान पेंशनरों की लंबित मांगों और आगामी आंदोलन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 1 सितंबर 2026 को शिमला में प्रस्तावित विधानसभा घेराव और रोष रैली में रामपुर से 100 से अधिक पेंशनर भाग लेंगे। पेंशनरों ने प्रदेश सरकार के प्रति भारी रोष जताते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने उनके साथ दो बार वादाखिलाफी की है।
पेंशनरों ने कहा कि 13 मई 2026 को सचिवालय में मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में उनकी मांगों को लेकर कई आश्वासन दिए गए थे, लेकिन इनमें से एक भी वादा पूरा नहीं किया गया। पेंशनरों के अनुसार सरकार ने वर्ष 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके लंबित एरियर की 40 प्रतिशत राशि 31 जुलाई 2026 से पहले जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। इसी तरह पेंशनरों को मिलने वाले 15 प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) की कुछ किस्तें 15 अगस्त को जारी करने की घोषणा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन यह आश्वासन भी अब तक पूरा नहीं हुआ है।
पेंशनरों ने कहा कि मेडिकल बिलों का भुगतान एक महीने के भीतर करने का भी वादा किया गया था, लेकिन विभागों को मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए आवश्यक पूरी राशि उपलब्ध नहीं करवाई गई है। इससे पेंशनरों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में पेंशनरों ने कहा कि सरकार के आश्वासन पूरे न होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि 1 सितंबर को शिमला में रोष रैली और विधानसभा घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन में हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े 18 पेंशनर संगठनों के सदस्य भाग ले रहे हैं।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार स्वयं पेंशनरों को विधानसभा घेराव और धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर कर रही है। उन्होंने सरकार से पेंशनरों से किए गए वादों को जल्द पूरा करने और लंबित वित्तीय लाभ जारी करने की मांग की।
बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन व खंड महासचिव अमोलक राम, संगठन सचिव रतन दास, मोहन जोशी, मस्तराम कपाटिया, कांता देवी नेगी, विनोद नेगी, मोतीलाल, छटटू राम, अशोक नेगी, बंसीलाल, सानी राम, श्यामलाल, शेर सिंह, हरदयाल सिंह, राजेंद्र सिंह ठाकुर, वीर सिंह, रोशन लाल, बेली राम, प्रेमी देवी, मानदास बुशैहरी, शाड़ू राम, चेतराम, सेन राम, रमेश चंद, कांता देवी, राम चंद, लायक राम नेगी, शकुंतला देवी, केवल राम, सुना देवी, देवी सिंह, बुद्धि सिंह, केशव राम, गंगाराम, प्रीतम सिंह, कमलानंद, ज्ञान बलैई, कैलाश जोशी, गंगाराम चौहान, बालक राम मुसाफिर, भगवान दास, पार्वती देवी, तेजा देवी, गोकुल राम, शेर सिंह, देवी राम, पूर्ण चंद, सोहनलाल, सीबी राम सहित अन्य पेंशनर उपस्थित रहे।
