एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कर्मचारी और पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार सरकार को कर्मचारी हितैषी बताते हैं, लेकिन यदि सरकार वास्तव में कर्मचारी हितैषी है तो कर्मचारी और पेंशनर अपनी मांगों को लेकर धरने पर क्यों बैठे हैं। मंगलवार को विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार के चार साल पूरे होने को हैं, लेकिन अभी भी कर्मचारियों के भत्ते और अन्य देनदारियां लंबित हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरकार को इसका जवाब देना होगा। भाजपा विधानसभा के अंदर और बाहर कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े इन मुद्दों को लगातार उठा रही है। कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता इस गलतफहमी में हैं कि राहुल गांधी देश के अगले प्रधानमंत्री बनेंगे। राहुल गांधी को इससे पहले भी कई बार नेतृत्व के तौर पर पेश किया गया, लेकिन हर बार उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। जिस नेतृत्व को जनता बार-बार नकार रही है, उसे आगे बढ़ाने से कांग्रेस को क्या हासिल होगा। कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा जातिवाद और वोट बैंक की राजनीति से परहेज करती है।
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मुख्यमंत्री के धरना-प्रदर्शन में शामिल होने पर सवाल
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि संवैधानिक पद पर होने के बावजूद मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस के धरने और प्रदर्शनों में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने इसे संवैधानिक पद की मर्यादा के विपरीत बताया। उन्होंने कहा, “मैं भी पांच वर्ष मुख्यमंत्री रहा, लेकिन हर बात पर नारेबाजी करने के लिए सड़क पर नहीं उतरा। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री राजनीतिक उद्देश्य से अपने पद की प्रतिष्ठा को दांव पर लगा रहे हैं। सुक्खू को अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए।
