एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
जिला प्रशासन एड्स और एचआईवी से प्रभावित बच्चों को हर प्रकार की मदद उपलब्ध करवा रहा है। उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला सामुदायिक संसाधन समूह की बैठक आयोजित की गई, जिसमें 0-18 वर्ष आयु वर्ग के CABA (Children Affected by AIDS) बच्चों के मामलों की समीक्षा की गई। जिले में वर्तमान में 31 बच्चे एड्स से प्रभावित हैं।
उपायुक्त ने बताया कि भारत सरकार और NACO (National AIDS Control Organisation) इन बच्चों की मदद के लिए विशेष कदम उठा रहे हैं। एचआईवी/एड्स अधिनियम के तहत प्रभावित बच्चों की संपत्ति के अधिकार सुरक्षित रखे जाते हैं और उन्हें भेदभाव का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकारी केंद्रों पर मुफ्त ARV/ART दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। स्वास्थ्य केंद्रों को इन बच्चों की पहचान गोपनीय रखने के निर्देश दिए गए हैं और स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनकी निरंतर निगरानी की जाती है।
जिला एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण समिति भी समाज में फैली भ्रांतियों और भेदभाव को दूर करने के लिए सक्रिय है। समिति संक्रमित व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति और सहयोग बढ़ाने के साथ उन्हें मुख्यधारा में लाने के प्रयास करती है। उपायुक्त ने बताया कि समिति और जिला सामुदायिक संसाधन समूह के माध्यम से प्रभावितों को स्वरोजगार और प्रशिक्षण के अवसर दिए जा रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में 50 बच्चों को टेलरिंग का प्रशिक्षण और 20 को कंप्यूटर कोर्स कराया गया। इसके अलावा अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से भी बच्चों को विकास के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
उपायुक्त ने नशे के आदी युवाओं में एचआईवी फैलने की गंभीर चिंता व्यक्त की। सिरिंज का इस्तेमाल करके नशा लेने वाले युवा एचआईवी के जोखिम में हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि समय-समय पर एचआईवी टेस्ट कराएं और बच्चों पर निगरानी रखें। सही समय पर पता चलने पर चिकित्सकों की सलाह और दवा लेने से व्यक्ति स्वस्थ जीवन जी सकता है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा, जिला एड्स प्रोग्राम अधिकारी डॉ. तहसीन, जिला टीबी प्रोग्राम अधिकारी डॉ. विनीत लखनपाल, प्रोजेक्ट मैनेजर दीपिका विमल, मेडिकल अफसर डॉ. निधि सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
