एआरबी टाइम्स ब्यूरो
रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के विकास खंड निरमंड की ब्रौ पंचायत में स्थित बजीर बावड़ी के पास सतलुज नदी के किनारे उस समय सनसनी फैल गई, जब एक स्थानीय मजदूर को माँ दुर्गा की प्राचीन मूर्ति प्राप्त हुई। यह मूर्ति पत्थर पर उकेरी गई है और इसे देखकर प्रतीत होता है कि यह सैकड़ों वर्ष पुरानी हो सकती है।
मूर्ति की विशेषता यह है कि इसमें आज भी कुछ रंग साफ दिखाई देते हैं, जिससे इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का पता चलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मूर्ति किसी पुराने धार्मिक स्थल या मंदिर का हिस्सा रही होगी, जो समय के साथ प्राकृतिक आपदाओं या भूगर्भीय हलचलों के कारण दब गई हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने मूर्ति मिलने के बाद इसे सुरक्षित स्थान पर रख दिया है और पूजा-अर्चना प्रारंभ कर दी है। क्षेत्र के ग्रामीण इसे माँ दुर्गा का आशीर्वाद मान रहे हैं और दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
इस खोज को लेकर पुरातत्व विभाग से मूर्ति की जांच और सर्वेक्षण की मांग की जा रही है, जिससे इसके वास्तविक कालखंड, मूल स्थान और संस्कृतिक पृष्ठभूमि का पता लगाया जा सके। कुछ जानकार यह भी मान रहे हैं कि यह मूर्ति किन्नौर जिले से सतलुज में बहकर यहां पहुंची हो सकती है।
प्रशासन द्वारा मूर्ति को रामपुर स्थित अखाड़ा मंदिर पहुंचा गया।
