रामपुर उपमंडल की डंसा पंचायत के कराली गांव में शनिवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब एक भालू ने बकरियां चरा रहे एक पुरुष और पास ही घास काट रही एक महिला पर अचानक हमला कर दिया। घायल अवस्था में दोनों को तुरंत रामपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया।
भालू की दहशत से सहमे ग्रामीण, वन विभाग ने शुरू की कार्रवाई
घटना के बाद से गांव में डर और दहशत का माहौल है। लोगों की मांग पर वन विभाग ने भालू को पकड़ने के लिए तीन पिंजरे और निगरानी के लिए कैमरे लगाए हैं। विभाग की रेस्क्यू टीम लगातार भालू की तलाश में जुटी हुई है।
ग्रामीणों ने अपनाया पारंपरिक बचाव तरीका
स्थानीय ग्रामीण बलदेव, हेम राज, काली दास और काहन चंद ने बताया कि भालू को भगाने के लिए गांव में पारंपरिक उपाय अपनाए जा रहे हैं। इसके तहत गाय के गोबर में लाल मिर्च मिलाकर जलाया जाता है, जिससे उठने वाली तीखी गंध भालू को दूर रखने में मदद करती है। यह तरीका वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग में लाया जाता रहा है।
घायलों को राहत राशि, लोगों को दी जा रही सतर्कता की सलाह
वन मंडल अधिकारी (DFO) गुरहर्ष सिंह ने बताया कि भालू के हमले में घायल सुरजन और उमा देवी को ₹18,750 की अंतरिम राहत राशि प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग ग्रामीणों को जागरूक कर रहा है और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचकर लोगों को भालू से बचाव के उपाय सिखा रही है।
DFO की चेतावनी: अकेले बाहर न जाएं, भालू से सामना हो तो शांत रहें
डीएफओ ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाएं। भालू से आमना-सामना होने की स्थिति में घबराएं नहीं, न ही उत्तेजित हों, बल्कि शांत रहकर बचाव का प्रयास करें।
वन विभाग और प्रशासन को उम्मीद है कि भालू को जल्द काबू में कर लिया जाएगा, ताकि गांव के लोग फिर से सुरक्षित माहौल में अपने दैनिक कार्यों में जुट सकें।
