एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
जिला शिमला के उपमंडल रोहड़ू के अंतर्गत नावर क्षेत्र की टिक्कर तहसील की शरौंथा पंचायत के भरेष्टू गाँव में पेयजल भंडारण टैंक में कथित रूप से विषैला पदार्थ डाले जाने का मामला सामने आया है। घटना ने क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। हालांकि समय रहते पानी में दुर्गंध का पता चल जाने से करीब एक सौ लोगों की आबादी को संभावित खतरे से बचा लिया गया।
जानकारी के अनुसार 8 जनवरी की शाम करीब आठ बजे गाँव के युवक आदर्श शर्मा ने पानी पीते समय उसमें तीखी व विषैली दुर्गंध महसूस की। उन्होंने तुरंत आसपास के परिवारों को सतर्क किया। इसके बाद ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों को सूचित किया और पुलिस चौकी टिक्कर में शिकायत दर्ज करवाई। इस पेयजल टैंक से लगभग 20 परिवारों को पानी की आपूर्ति होती है। सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग टिक्कर, भूपेंद्र चौहान ने बताया कि सूचना मिलते ही टैंक की सफाई कर अगले दिन से जलापूर्ति सुचारू रूप से बहाल कर दी गई। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है।
एसडीपीओ रोहड़ू प्रणव चौहान ने पुष्टि की है कि पेयजल टैंक में विषैला पदार्थ डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। स्थानीय लोगों एवं आसपास के गाँवों के निवासियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही पेयजल के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित पेयजल भंडारण टैंक के आसपास न तो कंटीले तारों की घेराबंदी है और न ही टैंक के ढक्कन पर ताला लगाया गया था। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित नहीं हैं। ऐसे में सुरक्षा प्रबंधन को लेकर जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। गौरतलब है कि प्रदेश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में इसी प्रकार के खुले पेयजल भंडारण टैंक संचालित हो रहे हैं, जिनकी सुरक्षा व्यवस्था पर समय-समय पर प्रश्न उठते रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
