एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
जिला मुख्यालय बिलासपुर में बुधवार को आयोजित जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक में विभिन्न विभागों की विकास योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष विमला देवी ने की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण एवं विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई भारी बारिश से कई विकासात्मक कार्य प्रभावित हुए हैं, इसलिए विभाग यह सुनिश्चित करें कि रुके हुए कार्य निर्धारित समय में पूरे हों। साथ ही विकास योजनाओं की प्रगति का नियमित मूल्यांकन करने पर जोर दिया। उपाध्यक्ष मान सिंह ने बागछाल-शाहतलाई मार्ग पर ओवरब्रिज निर्माण और गरामोड़ा से कोठीपुरा नेशनल हाईवे-205 पर उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। सदस्य प्रेम सिंह ठाकुर ने रानी कोटला स्कूल में प्रयोगशाला भवन निर्माण की स्थिति जानी। विभाग ने बताया कि ₹38 लाख की पहली किस्त प्राप्त हो चुकी है और शेष राशि की मांग भेजी गई है। बेलीराम टैगोर ने बलोह टोल प्लाजा के पास बैंक शाखा या एटीएम खोलने की मांग उठाई। लीड बैंक अधिकारी ने बताया कि चर्चा जारी है, पर कोई बैंक अभी इच्छुक नहीं है। गौरव शर्मा ने रेलवे निर्माण कंपनियों में निजी गाड़ियों के नियम उल्लंघन पर सवाल उठाया। आरटीओ बिलासपुर ने बताया कि विभाग नियमित जांच अभियान चला रहा है और नियम तोड़ने वाले वाहनों के चालान किए जा रहे हैं।
सदस्य शैलजा शर्मा ने कल्लर-फोरलेन से सालसी सड़क की मुरम्मत की मांग की। विभाग ने बताया कि यह सड़क पीएमजीएसवाई मानकों के अनुरूप नहीं है, इसलिए इसे राज्य सरकार की अन्य योजना में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा जाएगा। स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर प्रेम सिंह ठाकुर ने मलोखर स्वास्थ्य केंद्र में डेंटल उपकरणों की खरीद पर जानकारी ली, जबकि बेलीराम टैगोर ने सिविल डिस्पेंसरी कुह-मझवाड़ की कृष्णा लैब की स्थिति पर प्रश्न उठाया। विभाग ने बताया कि फंड और स्टाफ उपलब्ध होते ही सेवाएं पुनः शुरू की जाएंगी। बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ कई जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष विमला देवी ने कहा कि जिला परिषद जनता और प्रशासन के बीच मजबूत कड़ी के रूप में कार्य कर रही है। सभी सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में विकास गतिविधियों की निगरानी करने को कहा गया ताकि योजनाओं का लाभ हर नागरिक तक पहुंच सके।
