एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल सरकार ने बीपीएल की पात्रता शर्तों में अहम संशोधन करते हुए जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है। नए नियमों के तहत अब वे परिवार भी बीपीएल सूची में शामिल हो सकेंगे, जिन्हें पहले पक्का मकान होने या आयु मानदंड के कारण अपात्र घोषित कर दिया गया था। इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव सी. पालरासु ने सभी उपायुक्तों और खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई परिवार विभाग द्वारा निर्धारित अन्य अनिवार्य पात्रता मानदंडों को पूरा करता है, तो उसे केवल पक्का मकान होने के आधार पर बीपीएल चयन प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से उन गरीब परिवारों को राहत मिलेगी, जिन्होंने किसी सरकारी योजना या सहायता से पक्का मकान तो बना लिया है, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति अभी भी कमजोर बनी हुई है।
सरकार ने बीपीएल सूची पात्रता नियमों के तहत आयु मानदंड में भी बड़ा संशोधन किया है। पहले जहां 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों की सीमा निर्धारित थी, उसे बढ़ाकर 27 वर्ष कर दिया गया है। इसके साथ ही वयस्क सदस्यों की आयु सीमा भी 18 से 59 वर्ष के स्थान पर अब 27 से 59 वर्ष निर्धारित की गई है। इस बदलाव से उन परिवारों को लाभ मिलेगा, जिनके आवेदन केवल आयु सीमा के कारण पहले निरस्त कर दिए गए थे।
आयु छूट के आधार पर पहले खारिज किए गए आवेदनों की दोबारा समीक्षा की जाएगी। यदि किसी परिवार के खिलाफ अन्य कोई अपात्रता नहीं पाई जाती है, तो उसे बीपीएल सूची में शामिल किया जाएगा। संशोधित नियमों के अनुसार पुराने और नए दोनों तरह के आवेदन 25 जनवरी तक संबंधित खंड विकास अधिकारी कार्यालय में जमा करवाए जा सकते हैं। इसके बाद सभी आवेदनों की जांच कर पात्र परिवारों की सूची उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा 31 जनवरी तक अधिसूचित की जाएगी। वहीं, पात्र परिवारों की प्रारंभिक सूची 15 जनवरी तक तैयार की जाएगी।
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव सी. पालरासु की ओर से जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रथम चरण में पूरी हो चुकी चयन प्रक्रिया और पहले से जारी बीपीएल सूचियां यथावत रहेंगी। आगामी चरणों के लिए सत्यापन, आपत्ति और अपील की प्रक्रिया पूर्व निर्धारित अधिसूचनाओं के अनुसार ही जारी रहेगी।
