एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा शुरू किए गए राज्यव्यापी एंटी-चिट्टा जन आंदोलन ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल’ को निर्णायक अंजाम तक पहुँचाने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नशे के कारोबार से जुड़े तत्वों के खिलाफ एक और कड़ा और निर्णायक प्रहार किया है। इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश पुलिस ने पूरे राज्य में एक विशेष, सुनियोजित और एक साथ चलाया गया जांच अभियान संचालित किया, जिसका मुख्य उद्देश्य कूरियर सेवाओं के माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी पर पूर्णतः अंकुश लगाना था।
राज्य के विभिन्न जिलों में कूरियर कंपनियों के वेयरहाउस, गोदामों और बुकिंग केंद्रों की गहन जांच और ऑडिट किया गया। इस राज्य स्तरीय विशेष अभियान के दौरान कुल 433 कूरियर सेवा केंद्रों की जांच की गई। इनमें सोलन में 43, किन्नौर में 13, सिरमौर में 31, बद्दी में 40, मंडी में 69, कुल्लू में 34, लाहौल-स्पीति में 1, हमीरपुर में 37, बिलासपुर में 23, कांगड़ा में 69, नूरपुर में 17, देहरा में 18, चंबा में 22 और ऊना में 16 कूरियर केंद्र शामिल रहे।
हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान पार्सल बुकिंग से लेकर भंडारण, परिवहन और अंतिम डिलीवरी तक पूरी कार्यप्रणाली की सूक्ष्मता से पड़ताल की गई। कूरियर केंद्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, कर्मचारियों की पहचान, रिकॉर्ड संधारण और मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) के अनुपालन की सख्ती से समीक्षा की गई।
संदिग्ध पार्सलों की गहन जांच की गई तथा कर्मचारियों को एनडीपीएस एक्ट सहित नशा विरोधी कानूनों की गंभीरता से जानकारी दी गई। जहां भी प्रक्रियागत खामियां पाई गईं, वहां संबंधित कूरियर सेवा प्रदाताओं को तत्काल सुधार के सख्त निर्देश जारी किए गए और स्पष्ट चेतावनी दी गई कि भविष्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रवक्ता ने दो टूक शब्दों में कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति या गिरोह को हिमाचल में पनपने नहीं दिया जाएगा। कूरियर सेवाओं का दुरुपयोग कर युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने प्रदेश के आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं से मुख्यमंत्री की इस जनहितकारी मुहिम को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है। यदि किसी को चिट्टा या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों की तस्करी अथवा गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत 112 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस थाना से संपर्क करें। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
