एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने भारी वर्षा के बाद जिले के सभी उपमंडल दण्डाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बहाली कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को शिमला वर्षा राहत कार्य के अंतर्गत प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता पहुंचाने और क्षतिग्रस्त सड़कों, जल और बिजली सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने के निर्देश दिए।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी, अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंगल, एडीएम ज्योति राणा, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, और विद्युत बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।
सेब सीजन को देखते हुए सड़कों की बहाली प्राथमिकता
उपायुक्त ने कहा कि सेब सीजन को ध्यान में रखते हुए सड़कों की मरम्मत और बहाली कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए ताकि बागवान अपनी फसल को समय पर मंडियों तक पहुंचा सकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि एक्स-ग्रेशिया राहत राशि 10 दिनों के भीतर प्रभावित परिवारों को वितरित की जाए।
क्षतिग्रस्त सड़कों और परियोजनाओं की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में तैयार की जाए। उन्होंने जानकारी दी कि ग्रामीण सड़कों की मरम्मत के लिए ₹75,000 प्रति किलोमीटर और राष्ट्रीय राजमार्गों की मरम्मत के लिए ₹1,20,000 प्रति किलोमीटर का प्रावधान है।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि
उन्होंने सभी उपमंडल अधिकारियों से आग्रह किया कि असुरक्षित स्कूल भवनों से बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। उपायुक्त ने कहा, “बच्चों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।”
ताजा स्थिति:
राष्ट्रीय राजमार्ग: सभी खुले हैं
लोक निर्माण विभाग के संपर्क मार्ग: 669 में से 51 मार्ग अभी भी बंद
विद्युत बोर्ड: 6 वितरण ट्रांसफार्मर बाधित
जल शक्ति विभाग: 41 पेयजल योजनाएं प्रभावित
उपायुक्त ने बताया कि राहत कार्यों के लिए पर्याप्त मशीनरी और श्रमिक तैनात किए जा चुके हैं। साथ ही, सभी उपमंडलों में तिरपाल सामग्री भी उपलब्ध करवा दी गई है।
