एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य सरकार के डिजिटल गवर्नेंस अभियान के तहत लोक निर्माण विभाग (PWD) के 100 कार्यालयों को ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए विभाग की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह कदम पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीकी-संचालित शासन की दिशा में एक बड़ा सुधार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में ई-ऑफिस लागू करने में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का समर्पण सराहनीय है। अब फाइलों का संचालन प्रमुख अभियंता से लेकर सचिव, लोक निर्माण मंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय तक डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है। इससे कार्यप्रणाली में तेजी आई है और फाइलों के अनावश्यक विलंब में कमी हुई है।
उन्होंने बताया कि विभाग में आंतरिक संचार भी अब आधिकारिक ई-मेल प्रणाली के माध्यम से हो रहा है, जिससे सूचना आदान-प्रदान और निर्णय प्रक्रिया अधिक कुशल बनी है। इस डिजिटल परिवर्तन से फाइलों के समय पर निपटान, पारदर्शिता और लंबित मामलों की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो पाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमतौर पर डिजिटलीकरण शीर्ष स्तर पर आसान होता है, लेकिन क्षेत्रीय स्तर पर इसे लागू करना चुनौतीपूर्ण रहता है। लोक निर्माण विभाग ने अधिशासी अभियंता स्तर तक ई-ऑफिस को सफलतापूर्वक लागू कर यह चुनौती पार की है। यह कदम राज्य सरकार के Tech-Driven Governance के लक्ष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक बदलाव है।
अधिक पारदर्शी, जवाबदेह बना है विभाग : विक्रमादित्य
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विभाग ने निर्धारित समय सीमा में यह लक्ष्य पूरा किया है। इससे विभाग अधिक पारदर्शी, कुशल और जवाबदेह बना है। विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने बताया कि 100 कार्यालय अब ई-ऑफिस से जुड़ चुके हैं। इनमें प्रमुख अभियंता का कार्यालय, पाँच मुख्य अभियंता (जोन) कार्यालय, 19 वृत्त और 58 मंडल स्तर के कार्यालय शामिल हैं। साथ ही विद्युत, यांत्रिक और वास्तुकार अनुभागों के कार्यालय भी अब डिजिटल प्रणाली से काम कर रहे हैं।