एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह और लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने संयुक्त रूप से घंडल पंचायत घर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर दोनों मंत्रियों ने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी और पंचायत के विकास को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में विकास के कार्यों का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को जाता है। घंडल पंचायत शिक्षा और कौशल विकास का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है, जहां राष्ट्रीय लॉ यूनिवर्सिटी, ज्यूडिशियल अकादमी, संस्कृत अकादमी और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान स्थापित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि घंडल पंचायत घर प्रदेश का पहला अत्याधुनिक और सुविधाओं से लैस पंचायत घर है, जिसकी निर्माण लागत 1 करोड़ 14 लाख रुपये है। प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दिशानिर्देशों के तहत शिमला ग्रामीण में 9 नए पंचायत घर बनाए जा रहे हैं, जिन पर कुल 14.72 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
वहीं, विक्रमादित्य सिंह लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने घंडल में आयोजित ‘मंत्री आपके द्वार कार्यक्रम’ के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2012 में जब पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने चुनाव लड़ा तो अपने कार्यकाल के दौरान 1500 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्य करवाए थे। आज अकेले घंडल पंचायत में लोक निर्माण विभाग के तहत 33 करोड़ रुपए के विकासात्मक कार्य चल रहे है। इसके अलावा 11 लाख रुपए के कार्य विभिन्न मतों के तहत पंचायत के अधिकार क्षेत्र में चल रहे है। उन्होंने कहा कि डिग्री कॉलेज धामी को भारी बारिश के कारण खतरा पैदा हो गया था जिसका 05 करोड़ रुपए की लागत से रेस्टोरेशन कार्य करवाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश आर्थिक संकट से गुजर रहा है, लेकिन आत्मनिर्भर हिमाचल प्रदेश बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। पंचायत घरों के निर्माण से पंचायतों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण विकास को गति मिलेगी।
घंडल पंचायत घर दो मंजिला है, जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर प्रतीक्षालय, प्रधान कार्यालय, सचिव कार्यालय, मनरेगा कार्यालय, कॉमन सर्विस सेंटर और शौचालय की सुविधा है। दूसरी मंजिल पर ग्राम सभा हॉल, लाइब्रेरी और शौचालय मौजूद हैं। मनरेगा के तहत रेन वाटर हार्वेस्टिंग टैंक का भी निर्माण किया जाएगा।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी, पंचायत सदस्य और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
