शिमला। हिमाचल प्रदेश में पर्यटन और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल के तहत, चंडीगढ़, शिमला और किन्नौर (रिकांगपिओ) के बीच बहुप्रतीक्षित हेली टैक्सी सेवा जल्द ही औपचारिक रूप से शुरू होने वाली है। प्रदेश सरकार ने इस महत्वपूर्ण सेवा के संचालन के लिए दो प्रमुख कंपनियों पवन हंस लिमिटेड और हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया है।
✈️ रूट और उड़ान शेड्यूल
इस हेली टैक्सी सेवा को दो मुख्य रूटों पर संचालित किया जाएगा, जिससे शिमला और किन्नौर जिले की कनेक्टिविटी मजबूत होगी:
- पवन हंस लिमिटेड : यह कंपनी चंडीगढ़-संजौली-रामपुर-रिकांगपिओ और वापसी के रूट रिकांगपिओ-रामपुर-संजौली-चंडीगढ़ पर सेवाएं देगी।
- फ्रीक्वेंसी: सप्ताह में तीन दिन – सोमवार, वीरवार और शनिवार।
- हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड : यह कंपनी शिमला-रिकांगपिओ-शिमला रूट पर सेवा देगी।
- फ्रीक्वेंसी: यह सेवा सप्ताह के सातों दिन संचालित होगी।
दोनों कंपनियों ने अपने-अपने निर्धारित रूटों पर उड़ानों का सफल ट्रायल पूरा कर लिया है।
📍 संचालन और भविष्य की योजना
वर्तमान में, हेली टैक्सी सेवाएं किन्नौर में रिकांगपिओ के आईटीबीपी हेलीपैड से संचालित की जाएंगी। हालांकि, शारबो हेलीपोर्ट का निर्माण पूरा होने के बाद, इन सेवाओं का संचालन शारबो में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
💰 किराया और औपचारिक शुरूआत
सेवाओं के औपचारिक उद्घाटन से पहले, अगले सप्ताह कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे:
- हेली टैक्सी सेवाओं के लिए किराये की दरें तय करना।
- हेलिकॉप्टर की सिटिंग क्षमता को अंतिम रूप देना।
- सेवा की औपचारिक शुरूआत की तिथी की घोषणा।
💡 पर्यटन और आपातकाल में लाभ
यह चंडीगढ़-शिमला-किन्नौर हेली टैक्सी सेवा स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होगी:
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- पर्यटन को रफ्तार: शिमला और विशेष रूप से दूरस्थ किन्नौर जिले में पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी।
- आपातकालीन मदद: यह सेवा एयर एंबुलेंस के रूप में भी काम करेगी, जिससे आपातकालीन स्थिति में मरीजों को बड़े अस्पतालों तक कम समय में पहुंचाया जा सकेगा।
पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के अनुसार, “पवन हंस और हेरिटेज एविएशन के रूट फाइनल कर दिए गए हैं। किराये की दरें तय होने के बाद जल्द ही सेवाओं की औपचारिक शुरूआत कर दी जाएगी।”
