एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ ने रामपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में सरकार से सीधा सवाल किया है कि आखिर दो महीने बीत जाने के बाद भी दुग्ध उत्पादकों को दूध का भुगतान क्यों नहीं किया गया है? इस मुद्दे ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नींव को हिला कर रख दिया है।
संघ के संयोजक प्रेम चौहान ने कहा कि दूध उत्पादक गरीब और मध्यमवर्गीय किसान है, जो पशुपालन को अपनी आजीविका का मुख्य साधन मानते हैं, आज आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। नवरात्रे, दशहरा और करवा चौथ जैसे बड़े त्यौहार बीत गए, लेकिन दूध का पैसा अभी तक किसानों के खातों में नहीं पहुंचा।
किसानों की समस्याएं गंभीर:
पशु आहार, चारा, दवाइयाँ और पशु देखभाल की लागत दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।
कई पशुपालक दूध की सप्लाई बंद करने या पशुओं को बेचने पर मजबूर हो गए हैं।
गांवों की ग्रामीण अर्थव्यवस्था इस संकट के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
संघ की मांग और चेतावनी:
हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ ने साफ कहा कि अब मुख्यमंत्री और मिल्क फेडरेशन चेयरमैन को सामने आकर जवाब देना होगा कि आखिर दुग्ध भुगतान में देरी क्यों हो रही है?
सरकार किसानों के नाम पर कई योजनाओं और सब्सिडी की घोषणाएं करती है, लेकिन जमीन पर कोई ठोस असर नहीं दिखाई देता।
आगामी कार्यक्रम:
🗓 14 अक्टूबर: ब्लॉक स्तर पर SDM के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
🗓 30 अक्टूबर: ब्लॉक स्तर पर उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे।
इस मौके पर सुभाष ठाकुर, तुला राम शर्मा और दीप कनेन भी उपस्थित थे।
