एआरबी टाइम्य ब्यूरो, रामपुर बुशहर
हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ का अधिवेशन आज किसान मजदूर भवन चाटी में आयोजित किया गया। अधिवेशन में रामपुर, निरमंड, आनी, नारकंडा, ननखड़ी, छतरी सहित विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों दुग्ध उत्पादकों ने भाग लिया। जिसमें निर्णय लिया कि मांगों को लेकर 19 जनवरी को ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि 5 फरवरी 2026 को दतनगर में प्रदर्शन कर क्रमिक आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।
अधिवेशन को संबोधित करते हुए हिमाचल किसान सभा के राज्य पूर्व महासचिव डॉ. ओंकार शाद, किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद और दुग्ध उत्पादक संघ के संयोजक प्रेम चौहान ने कहा कि वर्तमान समय में सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण दुग्ध उत्पादन घाटे का सौदा बन गया है। सरकार द्वारा दूध के दाम बढ़ाने के बावजूद दुग्ध उत्पादकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि दूध की भुगतान राशि समय पर न मिलने से दुग्ध उत्पादकों को अपने परिवार का पालन-पोषण करना कठिन हो गया है। आज भी भुगतान तीन से चार महीने की देरी से मिल रहा है। वक्ताओं ने पशु औषधालयों में डॉक्टरों की कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि समय पर टीकाकरण न होने से पशुओं का स्वास्थ्य खराब हो रहा है, जिससे दुग्ध उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही सोसायटियों में फीड की अनुपलब्धता और दूध की गुणवत्ता जांच के लिए टेस्टिंग मशीनें न होने से उत्पादकों को दूध का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
दुग्ध उत्पादक संघ ने प्रदेश सरकार से मांग की कि दूध की पेमेंट हर माह 10 तारीख से पहले सुनिश्चित की जाए, सभी सोसायटियों में दूध जांच के लिए टेस्टिंग मशीनें उपलब्ध करवाई जाएं, पशु आहार (फीड) की व्यवस्था की जाए, पशु औषधालयों में डॉक्टरों के खाली पद भरे जाएं तथा उच्च गुणवत्ता के टीके उपलब्ध कराए जाएं।
अधिवेशन में रणजीत, तुला राम, पूर्ण ठाकुर, सुभाष, काकू कश्यप, बिहारी लाल, गीता राम, विजय, हैम राज, कृष्णा राणा, शांता देवी, ऊष्मा देवी, रीना, गंगा राम, शकुंतला, निहाल चंद, करतार, प्रभा, सुलोचना, अभिषेक सहित अनेक दुग्ध उत्पादक मौजूद रहे।
