एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से जिला स्तरीय कल्याण समिति की बैठक बचत भवन शिमला में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश राज्य 7वां वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं विधायक रामपुर नन्द लाल ने की।
बैठक में बताया गया कि कमजोर वर्गों के कल्याण एवं उत्थान के लिए सरकार द्वारा कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के संचालन के लिए हर साल बजट आवंटित किया जाता है, जिसे जिला कल्याण समिति द्वारा अनुमोदित किया जाता है।
वित्तीय सहायता बढ़ाने का प्रस्ताव
नन्द लाल ने कहा कि अनुवर्ती कार्यक्रम के तहत सिलाई मशीन के लिए मिलने वाली वित्तीय सहायता को ₹1800 तक बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। इसके साथ ही पारिवारिक आय सीमा ₹50,000 से बढ़ाने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि अधिक महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।
1.58 अरब रुपये खर्च – 90,724 लाभार्थी
वर्ष 2024-25 में 1 अरब 58 करोड़ 10 लाख 28 हजार रुपए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च किए गए। इस अवधि में 90,724 लाभार्थियों को लाभ मिला। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 90,195 लाभार्थियों का लक्ष्य रखा गया है।
प्रमुख योजनाएं:
स्वर्ण जयंती आश्रय योजना- अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के गरीब परिवारों को 1.50 लाख रुपए मकान निर्माण हेतु अनुदान दिया जाता है। इस वर्ष 885 लाभार्थियों का लक्ष्य रखा गया है।
अनुवर्ती कार्यक्रम-सिलाई मशीन और औजार खरीदने के लिए ₹1800 से ₹1300 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। इस वर्ष 200 लाभार्थी लक्षित हैं।
दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना-40% या उससे अधिक दिव्यांग छात्रों को ₹625 से ₹5000 तक की छात्रवृत्ति दी जाती है। 44 मामलों को स्वीकृति दी गई है।
कंप्यूटर एप्लीकेशन एवं दक्षता योजना-बीपीएल व पिछड़े वर्गों के युवाओं को डीसीए/पीजीडीसीए प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण अवधि में ₹1000–₹1500 प्रतिमाह छात्रवृत्ति मिलती है।
अन्तर्जातीय विवाह पुरस्कार योजना-सामान्य जाति और अनुसूचित जाति के विवाह करने वाले जोड़ों को ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस वर्ष 9 मामलों को स्वीकृति दी गई है।
दिव्यांग विवाह अनुदान-दिव्यांग व्यक्तियों को विवाह पर ₹25,000 से ₹50,000 तक अनुदान प्रदान किया जाता है।
वृद्धावस्था पेंशन योजना-60 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों को ₹1000 और महिलाओं को ₹1500 मासिक पेंशन। 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी को ₹1700 प्रतिमाह पेंशन।
इंदिरा गांधी विधवा/एकल नारी पेंशन-विधवा, परित्यक्ता या 45 वर्ष से अधिक अविवाहित महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह पेंशन दी जाती है।
कुष्ठ रोगी पुनर्वास भत्ता-इलाजरत कुष्ठ रोगियों को पुरुषों के लिए ₹1000 और महिलाओं के लिए ₹1500 प्रतिमाह पेंशन।
ट्रांसजेंडर पेंशन-राज्य/जिला स्तरीय चिकित्सा बोर्ड से प्रमाणित ट्रांसजेंडर्स को ₹1000 प्रतिमाह पेंशन।
अनुसूचित जाति/जनजाति के पीड़ितों को ₹1 लाख से ₹8.25 लाख तक राहत राशि दी जाती है।
अधिकारी एवं उपस्थितजन-बैठक में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, जिला दंडाधिकारी पंकज शर्मा, प्रोटोकॉल अधिकारी ज्योति राणा, तथा विभिन्न एसडीएम — सुन्नी, चौपाल, ठियोग, जुब्बल व डोडरा क्वार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा ने सभी अधिकारियों का स्वागत किया और योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत





