एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश में Panchayati Raj Institutions का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो गया है और अवधि पूरी होते ही ये संस्थाएं स्वतः भंग मानी जाएंगी। राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर 1 फरवरी से ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों की सभी शक्तियां प्रशासकों को सौंप दी हैं। सरकार की ओर से शनिवार को पूरे प्रदेश में प्रशासकों की तैनाती कर दी गई। अब निर्वाचित प्रतिनिधियों की जगह प्रशासनिक समितियां पंचायतों के विकास कार्य, वित्तीय निर्णय और योजनाओं का क्रियान्वयन देखेंगी। Himachal Panchayati Raj system अब पूरी तरह प्रशासकीय नियंत्रण में रहेगा जब तक पुनर्गठन और चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। पंचायत स्तर के विकास कार्य जारी रहेंगे। निर्णय अब प्रशासनिक समितियों के हाथ में होंगे।
अब कैसे चलेगा पंचायतों का काम?
फरवरी से पंचायतीराज विभाग की ओर से जारी पुरानी मोहरें अप्रभावी हो जाएंगी। सभी कार्य प्रशासकीय व्यवस्था के तहत होंगे। विकास योजनाओं की स्वीकृति, कार्यों की निगरानी और भुगतान की प्रक्रिया समितियों के माध्यम से होगी।
✅ ग्राम पंचायत स्तर
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खंड विकास अधिकारी (BDO) — अध्यक्ष
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पंचायत सचिव — सदस्य सचिव
✅ पंचायत समिति स्तर
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मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) — अध्यक्ष
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सामाजिक शिक्षा एवं खंड योजना अधिकारी — सदस्य
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पंचायत निरीक्षक/उप निरीक्षक — सदस्य सचिव
✅ जिला परिषद स्तर
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मुख्य कार्यकारी अधिकारी — अध्यक्ष
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जिला विकास अधिकारी — सदस्य
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जिला पंचायत अधिकारी — सदस्य सचिव
चुनाव क्यों नहीं हो सके?
आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 लागू होने के कारण पंचायतों के पुनर्गठन और चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम के तहत अवधि समाप्त होने पर संस्थाएं भंग मानी गईं। हालांकि लाहौल-स्पीति (केलांग), चंबा (पांगी) और कुल्लू की कुछ पंचायतों में अधिसूचना लागू नहीं होगी।
मतदाताओं की स्थिति
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार हिमाचल में कुल 55.19 लाख मतदाता हैं:
| जिला | मतदाता |
|---|---|
| कांगड़ा | 13,17,390 |
| मंडी | 8,65,432 |
| शिमला | 5,17,149 |
| चंबा | 4,22,091 |
| सोलन | 4,20,552 |
| सिरमौर | 4,11,481 |
| ऊना | 4,37,287 |
| हमीरपुर | 3,78,151 |
| बिलासपुर | 3,30,655 |
| कुल्लू | 3,35,042 |
| लाहौल-स्पीति | 25,602 |
| किन्नौर | 5,887 |
