एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल परिवहन मजदूर संघ द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही पारदर्शी, न्यायसंगत और समयबद्ध स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग अब पूरी हो गई है। संघ के निरंतर प्रयासों, लगातार संवाद और कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं को मजबूती से उठाने के बाद प्रबंधन ने इस महत्वपूर्ण मांग को स्वीकार करते हुए हाल ही में आयोजित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में नई ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी प्रदान कर दी है।
नई नीति के लागू होने से निगम में स्थानांतरण से जुड़ी सभी प्रक्रियाएँ अब अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध होंगी। नीति में तय समयसीमा के अनुसार:-
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15 मार्च तक ट्रांसफर ऑर्डर जारी होंगे
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31 मार्च तक सभी शिकायतों का निपटारा किया जाएगा
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5 अप्रैल तक रिलीव करने की प्रक्रिया पूरी होगी
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30 अप्रैल तक नई तैनाती पर जॉइनिंग होगी
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यूनिट अधिकारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित
संघ का मानना है कि यह निर्णय कर्मचारियों के हित में ऐतिहासिक कदम है।
पिक-एंड-चूज़ पर पूर्ण रोक — राजनीतिक हस्तक्षेप खत्म
संघ ने स्पष्ट किया है कि नई नीति लागू होने से वर्षों से चल रही “पिक-एंड-चूज़” प्रणाली पूरी तरह समाप्त होगी। अब मनपसंद, दबाव आधारित या राजनीतिक प्रभाव से होने वाली पोस्टिंग नहीं हो सकेगी और सभी कर्मचारी समान नियमों के तहत आएंगे।
नीति का निष्पक्ष क्रियान्वयन — अधिकारियों की जवाबदेही आवश्यक
मजदूर संघ ने कहा कि अक्सर नीतियाँ बनती तो हैं, लेकिन प्रभावशाली व्यक्तियों, अधिकारी स्तर के हस्तक्षेप या राजनीति की वजह से वे निष्पक्षता से लागू नहीं हो पातीं। इसलिए नई नीति को पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से लागू करना अनिवार्य है।
संघ ने सुझाव दिया कि—
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नियमों का कड़ाई से पालन हो
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कोई भी कर्मचारी या अधिकारी नियमों से ऊपर न हो
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नीति सब पर समान रूप से लागू हो
लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती से पैदा भ्रष्टाचार पर रोक
संघ के अनुसार वर्षों तक एक ही डिपो या पद पर तैनाती से पक्षपात, गलत व्यवस्थाएँ और भ्रष्टाचार बढ़ता था। नई ट्रांसफर पॉलिसी से ऐसी सभी स्थितियों पर नियंत्रण होगा और निगम की कार्यप्रणाली और अधिक पारदर्शी बनेगी।
संघ का आभार
मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्यार सिंह ठाकुर, प्रदेश महामंत्री हरीश कुमार पराशर ने महासंघ के अखिल भारतीय कार्यकारी अध्यक्ष सुभाष वर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष राजन वर्मा सहित सभी पदाधिकारियों ने कर्मचारी हितैषी निर्णय के लिए निगम प्रबंधन, प्रबंध निदेशक और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का आभार व्यक्त किया।
