एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्य पदों पर हो रही पदोन्नति में देरी को लेकर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। संघ का कहना है कि राज्य में लगभग 900 प्रधानाचार्य पद पिछले लंबे समय से खाली पड़े हैं, लेकिन शिक्षा विभाग की उदासीनता के चलते वर्षों से प्रवक्ताओं को पदोन्नति नहीं मिल पाई है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय नेगी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर कई बार मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा निदेशक से बातचीत हो चुकी है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। उन्होंने कहा कि कुछ प्रवक्ता पिछले 25–30 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत हैं और अब उनका धैर्य जवाब दे रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पदोन्नति सूची जारी नहीं की गई तो प्रवक्ता संघ को कठोर कदम उठाने पड़ सकते हैं।
लोक सेवा आयोग की आपत्तियों को भी विभाग पिछले 2 वर्षों से हल नहीं कर सका है, जिसके कारण फाइलें सचिवालय और आयोग के बीच ही घूम रही हैं। अब विभाग नए सिरे से नाम मांग रहा है, जिससे लगता है कि उसकी पदोन्नति सूची जारी करने की कोई मंशा नहीं है।
संघ की मांगें:
जिन प्रवक्ताओं की सूची पहले से तैयार है, उन्हें तुरंत पदोन्नति दी जाए।
जिनके नाम हाल में मांगे गए हैं, उनके लिए पूरक सूची जारी की जाए।
सीएंडवी कैडर की तर्ज पर प्रवक्ताओं को भी 20 वर्ष की सेवा पर दो वेतन वृद्धि दी जाए, ताकि बिना पदोन्नति सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को राहत मिल सके।
समर्थन में उतरे राज्य व जिला पदाधिकारी:
संघ के इस कदम को राज्य के वरिष्ठ पदाधिकारियों का समर्थन मिला है, जिनमें महासचिव इंदर सिंह ठाकुर, मुख्य संरक्षक लोकेंद्र नेगी, चेयरमैन सुरेन्द्र पुंडीर सहित कई प्रमुख सदस्य शामिल हैं।
महिला विंग की मुदिता भारद्वाज, दया दत्ता और सोनू सेन ने भी अपना समर्थन जताया है। वहीं, जिला स्तर पर कुल्लू, बिलासपुर, मंडी, शिमला, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर, ऊना, हमीरपुर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के जिला अध्यक्षों ने एकजुट होकर पदोन्नति सूची जल्द जारी करने की मांग की है।

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