एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की कार्यप्रणाली को और सशक्त बनाने के लिए बोर्ड में 150 श्रमिक मित्रों की नियुक्ति की जाएगी। यह कदम बोर्ड के सुचारू संचालन और कामगारों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। यह जानकारी बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने आज आयोजित बोर्ड की 51वीं बैठक में दी।
बैठक में निर्णय लिए गए कि बोर्ड के कार्यों को और प्रभावी बनाने के लिए 150 श्रमिक मित्रों को आउटसोर्स आधार पर नियुक्त किया जाएगा। ये श्रमिक मित्र कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर और सोलन जिलों में काम करेंगे। हमीरपुर जिले के भोरंज में बोर्ड का नया उप-कार्यालय खोलने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा, शिमला में मजदूर कल्याण कार्यालय के लिए स्थायी भवन उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव हिमुडा से उठाया जाएगा। कामगारों के लिए कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर और सोलन में मॉडल कल्याण योजना के तहत लेबर चौक बनाए जाएंगे, जिससे कामगारों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। मजदूरों और उनके आश्रितों की कौशल क्षमता बढ़ाने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, ताकि कामगार अपनी दक्षता को और बेहतर बना सकें। ई-केवाईसी प्रक्रिया को तेज करने के लिए उपयुक्त एजेंसी की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, बोर्ड द्वारा पंजीकृत मजदूरों के डेटा को ई-श्रम पोर्टल से जोड़ने की योजना है। आपदा प्रभावित पंजीकृत मजदूरों को सरकार की योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता सह-समाप्ति आधार पर होगी, यानी सरकार की योजनाओं में 10 प्रतिशत अतिरिक्त राशि के साथ प्रदान की जाएगी। बोर्ड ने दावे दाखिल करने की समय सीमा को बढ़ाकर एक वर्ष करने का निर्णय लिया है, जिससे मजदूरों को अधिक समय मिल सके।
बैठक में गैर-सरकारी सदस्य रविंद्र सिंह रवि, भूपेंद्र सिंह, जे.सी. चौहान, प्रदीप कुमार, विशेष सचिव वित्त विजय वर्धन, सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव कुमार और अतिरिक्त सचिव विधि आर.एस. तोमर ने भी भाग लिया।
