एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने मंगलवार देर रात तक चली गहन चर्चा और मंथन के बावजूद स्थायी मुख्य सचिव (Chief Secretary) की नियुक्ति पर अंतिम फैसला नहीं लिया। लंबे विचार विमर्श के बाद बुधवार को राज्य सरकार ने 1988 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता को चीफ सेक्रेटरी (सीएस) का अतिरिक्त कार्यभार सौंपने का निर्णय लिया। सरकार के इस अप्रत्याशित कदम ने प्रशासनिक हलकों में सबको चौंका दिया है। सरकार के इस अचानक फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां सीनियरिटी के आधार पर संजय गुप्ता को जिम्मेदारी दी गई है, वहीं दूसरी ओर केके पंत को पीछे हटाए जाने की चर्चा प्रशासनिक हलकों में जोरों पर है। माना जा रहा है कि सरकार स्थायी सीएस की नियुक्ति को लेकर अभी और मंथन कर सकती है।
नियुक्ति में आखिरी समय में हुआ फेरबदल
दरअसल, मंगलवार को जब मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना सेवानिवृत्त हुए, तो चर्चाओं का रुख वरिष्ठता में नीचे आने वाले आईएएस अधिकारी केके पंत की ओर मुड़ गया था। पंत को सीएस पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था। यहां तक कि दिनभर वह मुख्यमंत्री के साथ भी देखे गए। देर रात सरकार ने उन्हें चीफ सेक्रेटरी बनाने का मन भी बना लिया था और उनसे वरिष्ठ संजय गुप्ता को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त करने का आदेश भी जारी कर दिया गया था। लेकिन बुधवार को सरकार ने अप्रत्याशित यू-टर्न लेते हुए अधिसूचना वापस ले ली और संजय गुप्ता को सीएस का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया। साथ ही, उन्हें अतिरिक्त मुख्य सचिव नगर नियोजन एवं आवास विभाग का भी जिम्मा सौंपा गया। इसी बीच, बुधवार शाम को ही संजय गुप्ता ने मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार संभाल लिया। मूल रूप से हरियाणा निवासी गुप्ता अगले साल 31 मई को सेवानिवृत्त होंगे।
पंत को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ओंकार को रोपवे कॉरपोरेशन का जिम्मा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केके पंत को मुख्य सचिव न बनाकर उन्हें राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। हालांकि, उनके पास पहले से ही राजस्व, वन, गृह एवं विजिलेंस विभागों का दायित्व मौजूद है। इस बदलाव को लेकर प्रशासनिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव जनजातीय विकास ओंकार शर्मा को रोपवे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (RTDC) का अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंप दिया है।
प्रबोध सक्सेना को सीएस के बराबर का दर्जा
इस बीच, पूर्व मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को भी सीएस के बराबर का दर्जा दिया गया है। सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद सरकार ने उन्हें बिजली बोर्ड (HPSEB) का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया था। अधिसूचना जारी होने के बाद बुधवार को उन्होंने कार्यभार संभाल लिया और अधिकारियों के साथ पहली बैठक भी की। सरकार ने अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि सक्सेना सीधे मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करेंगे।
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