एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना–IV (बैच–I) के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर दी है। उन्होंने बताया कि इन प्रस्तावों की समीक्षा सशक्त समिति द्वारा 4 नवंबर, 2025 को आयोजित बैठक में की गई थी। समिति की सिफारिशों तथा राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत अनुपालन रिपोर्ट के आधार पर इन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि कुल 294 सड़क कार्यों को स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 1,538.058 किलोमीटर है। इन परियोजनाओं पर कुल 2,247.24 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें से 2,019.70 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा वहन किए जाएंगे, जबकि राज्य सरकार का अंश 227.54 करोड़ रुपये होगा। इसमें 3.124 करोड़ रुपये उच्च विनिर्देश लागत के रूप में शामिल हैं। प्रति किलोमीटर औसत लागत 146.11 लाख रुपये निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत सड़कों में बिलासपुर जिले की चार, चंबा की 65, हमीरपुर की दो, कांगड़ा की 12, किन्नौर की आठ, कुल्लू की 65, लाहौल-स्पीति की दो, मंडी की 23, शिमला की 97, सिरमौर की 11, सोलन की तीन और ऊना जिले की दो सड़कें शामिल हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इन परियोजनाओं से राज्य के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में सड़क संपर्क में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक बेहतर पहुंच भी सुनिश्चित होगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं राज्य सरकार की ग्रामीण अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं और प्रदेशवासियों को सुरक्षित, विश्वसनीय तथा हर मौसम में सड़क सुविधा उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होंगी।
