एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला/मंडी/कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में लगातार जारी भारी बारिश और भूस्खलन से हालात बेहद खराब हो चुके हैं। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है। सैकड़ों सड़कें बंद हैं, ग्रामीण इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन लगातार बारिश मुश्किलें और बढ़ा रही है। उधर, सुंदरनगर उपमंडल के जंगमबाग में मंगलवार शाम हुए भीषण भूस्खलन ने दो मकानों को मलबे में समा दिया। इसमें एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत सात लोगों की मौत हो गई है। एनडीआरएफ की टीम ने घर की छत काटकर शवों को निकाला। रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है।

कुल्लू में इनर अखाड़ा बाजार में रात करीब 11:45 बजे भूस्खलन से मकान ढह गया। मलबे में एक कश्मीरी मजदूर और एनडीआरएफ का जवान दब गए। एक मजदूर किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा। मंडी की नेर घरवासड़ा पंचायत में भूस्खलन से 15 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। कुंडूनी गांव में भी जमीन धंसने के कारण प्रशासन ने गांव को खाली करवाया है। भारी बारिश और भूस्खलन को देखते हुए प्रशासन ने चंबा, शिमला, सोलन, सिरमौर, कांगड़ा, बिलासपुर और कुल्लू जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। किन्नौर जिले के सुंगरा और वांगतू में पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर गिरने से कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।
प्रदेश में 1162 सड़कें और 2477 ट्रांसफार्मर बंद
बुधवार सुबह 10 बजे तक हिमाचल प्रदेश में सात नेशनल हाईवे सहित 1162 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं। 2477 बिजली ट्रांसफार्मर और 720 जल आपूर्ति योजनाएं भी ठप हो चुकी हैं।
कुल्लू जिले में 204 सड़कें
मंडी में 282
शिमला में 234
सिरमौर में 137
सोलन में 92
कांगड़ा में 60
लाहौल-स्पीति में 48
चंबा जिले में 100 से अधिक सड़कें बाधित हैं।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के कई हिस्सों में 9 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बीती रात नयना देवी में 136 मिमी, जोत में 100.6 मिमी और पच्छाद में 77 मिमी बारिश दर्ज की गई।
अब तक 341 लोगों की मौत
मॉनसून सीजन (20 जून से 2 सितंबर) में हिमाचल प्रदेश में 341 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 159 लोगों की जान सड़क हादसों में गई, जबकि बाकी लोग भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ की चपेट में आए।
389 लोग घायल हुए
41 लोग लापता हैं
4,983 घर और दुकानें क्षतिग्रस्त हुईं
4,008 गोशालाएं ढही
1,912 पालतु पशुओं की मौत हुई
अब तक 3,52,541.58 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है।
