एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला / रोहड़ू
शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के कुलगांव में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हर्ष फायरिंग में महिला की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। इस Rohru firing case में जिला उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा को जांच सौंपते हुए सात दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 196 के तहत इस मामले की विस्तृत जांच के आदेश जारी किए हैं। जांच का उद्देश्य घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाना, जिम्मेदारी तय करना और प्रशासनिक या प्रक्रियागत चूक की पहचान करना है।
👉 यह भी पढ़ें : रोहड़ू में हर्ष फायरिंग से महिला की मौत, कुलगांव में धार्मिक आयोजन के दौरान चली गोली
किन-किन बिंदुओं पर होगी जांच
जांच अधिकारी को कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें फायरिंग तक पहुंचने वाली घटनाओं का क्रम, मृतका की मृत्यु के कारणों की पुष्टि, घटना में शामिल व्यक्तियों की जिम्मेदारी तय करना और आयोजकों की संभावित लापरवाही की जांच शामिल है। इसके अलावा शस्त्र अधिनियम, 1959 के उल्लंघन की जांच और आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की सिफारिश भी रिपोर्ट का हिस्सा होगी।
क्या है पूरा मामला
यह Rohru firing case रविवार को कुलगांव में देवता के धार्मिक कार्यक्रम के दौरान सामने आया। कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने खुशी में हवाई फायरिंग की, जबकि मौके पर लोग नृत्य व संगीत में व्यस्त थे। इसी दौरान 12 बोर बंदूक से निकली गोली 26 वर्षीय रीतिका को लग गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। रीतिका चिड़गांव तहसील की निवासी थीं और धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने कुलगांव पहुंची थीं।
धार्मिक आयोजनों में हथियारों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध
घटना के बाद एसडीएम रोहड़ू धर्मेश रामौत्रा ने उपमंडल में धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के दौरान हथियारों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंध के बावजूद हथियार का इस्तेमाल करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, हथियार जब्त किए जाएं और लाइसेंस निरस्त किया जाए। एसडीएम ने बताया कि आयोजन से पहले ही बैठक में हथियारों के इस्तेमाल पर रोक के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद हुई घटना बेहद चिंताजनक है।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला
इस Rohru firing case में पुलिस ने महिला की मौत को लेकर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि फायरिंग में इस्तेमाल की गई बंदूक किसकी थी।
