एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों की आधिकारिक घोषणा हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार देर शाम चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए प्रदेश भर में आचार संहिता लागू कर दी है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं और विभिन्न पदों के लिए राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ने लगी हैं।
राज्य में पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराए जाएंगे। 26, 28 और 30 मई को जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्य, पंचायत प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के लिए मतदान होगा। जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीसी) को अपने-अपने जिलों में मतदान तिथियों को अंतिम रूप देने का अधिकार दिया गया है, जिससे स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।
50 लाख से अधिक मतदाता करेंगे मतदान
प्रदेश की 3,754 पंचायतों में कुल 50,79,048 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 25,67,770 पुरुष, 25,11,249 महिलाएं और 29 अन्य मतदाता शामिल हैं। इस बार 52,349 युवा पहली बार मतदान करेंगे, जो चुनाव में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
21,678 मतदान केंद्र, सबसे ऊंचा बूथ कौमिक में
चुनाव के लिए प्रदेशभर में 21,678 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। लाहौल-स्पीति जिले के कौमिक स्कूल में 4,587 मीटर की ऊंचाई पर सबसे ऊंचा मतदान केंद्र बनाया जाएगा, जो भौगोलिक दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में स्थित है।
नामांकन से लेकर परिणाम तक पूरा शेड्यूल
राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची के अनुसार:
- 7, 8 और 11 मई: नामांकन दाखिल
- 12 मई: नामांकन पत्रों की जांच
- 14-15 मई: नाम वापसी
- 15 मई: चुनाव चिह्न आवंटन
पंचायत प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के परिणाम मतदान वाले दिन ही घोषित कर दिए जाएंगे। वहीं जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना 31 मई को विकास खंड मुख्यालयों में होगी।
अलग-अलग रंग के मतपत्र
चुनाव में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग रंग के मतपत्रों का उपयोग किया जाएगा। 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को मतदान केंद्र पर ही जाकर वोट डालना होगा।
आचार संहिता लागू, भर्तियों और घोषणाओं पर रोक
आचार संहिता लागू होते ही प्रदेश में नई सरकारी भर्तियों और घोषणाओं पर रोक लगा दी गई है। विकास कार्यों और राजनीतिक कार्यक्रमों पर भी नियंत्रण रहेगा। मंत्री और विधायक चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी का उपयोग नहीं कर सकेंगे।
कुल्लू की चार पंचायतों में नहीं होंगे चुनाव
कुल्लू जिले की नग्गर ब्लॉक की करजां, सोयल और आनी ब्लॉक की जाबन व नम्होल पंचायतों में इस बार चुनाव नहीं होंगे। इन पंचायतों का कार्यकाल 9 फरवरी 2027 तक है। हालांकि, यहां पंचायत समिति और जिला परिषद के लिए मतदान होगा।
