एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश के शीतकालीन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए इस साल वार्षिक परीक्षाओं का शेड्यूल बदल गया है। शिक्षा विभाग ने पहली से आठवीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षाएं (SA-2) दिसंबर के पहले सप्ताह से ही शुरू करने का फैसला लिया है। आमतौर पर ये परीक्षाएं दिसंबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में आयोजित की जाती थीं, लेकिन इस बार पंचायत और शहरी निकाय चुनावों के चलते तिथियों में बदलाव किया गया है।
राज्य चुनाव आयोग के निर्देश पर लिया फैसला
राज्य चुनाव आयोग ने शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर अवगत करवाया था कि पंचायत और शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव दिसंबर के अंत तक कराए जाने की संभावना है। चुनावी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए आयोग को विद्यालय परिसरों, फर्नीचर और स्टाफ की आवश्यकता होगी। यही कारण है कि शिक्षा विभाग ने परीक्षा कार्यक्रम को एक सप्ताह पहले आयोजित करने का निर्णय लिया। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक संस्थानों का उपयोग मतदान केंद्रों और चुनावी व्यवस्थाओं के लिए किया जाएगा। इसलिए परीक्षा शेड्यूल में बदलाव अनिवार्य हो गया।
विभाग ने जारी किए निर्देश
शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सभी शीतकालीन स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं तय समय से पहले शुरू की जाएंगी। विभाग ने सभी उपनिदेशकों, प्रधानाचार्यों और अध्यापकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे समय रहते परीक्षाओं की तैयारियां पूरी कर लें। इससे न केवल परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी होगी, बल्कि चुनावी तैयारियों में भी कोई बाधा नहीं आएगी। परीक्षाएं पहले शुरू होने के कारण छात्रों को अपनी तैयारियां अब तेज करनी होंगी। जिन विद्यार्थियों ने पहले यह सोचा था कि उन्हें दिसंबर के मध्य तक समय मिलेगा, उन्हें अब अपनी पढ़ाई का शेड्यूल बदलना होगा। अभिभावकों का मानना है कि यह निर्णय चुनावी आवश्यकता को देखते हुए उचित है, लेकिन छात्रों को थोड़ी अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी।
