एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में युवाओं के नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए हिमुडा एक नई पहल शुरू कर रहा है। उन्होंने बताया कि हिमुडा स्टार्टअप एंड स्टूडेंट इनोवेशन पॉलिसी के तहत राज्य के युवाओं के स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जाएगा। धर्माणी ने हिमुडा की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस नीति के तहत हिमुडा की ओर से एक वर्ष के लिए 25 लाख रुपये के स्टार्टअप फंड का प्रावधान किया गया है। इसके तहत प्रत्येक स्टार्टअप प्रस्ताव को 5 लाख रुपये तक की फंडिंग प्रदान की जाएगी। नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक सशक्त पारिस्थितिकीय तंत्र का निर्माण करना है।
आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को मिलेगी गति
धर्माणी ने कहा कि इस नीति के माध्यम से राज्य के युवाओं को अपनी नवाचारपूर्ण सोच को साकार करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल आर्थिक विकास को गति मिलेगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। यह नीति प्रदेश में जीवंत स्टार्टअप ईकोसिस्टम को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राज्य सरकार सतत विकास के लक्ष्यों के अनुरूप सुनियोजित विकास परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही है। हिमुडा को निर्देश दिए गए हैं कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि विकास कार्यों का लाभ शीघ्र जनता तक पहुंचे।
नरघोटा में बनेगा पर्यटन गांव, आईटी टाउनशिप पर भी काम
पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए धर्माणी ने बताया कि कांगड़ा जिले के नरघोटा में पर्यटन गांव का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने हिमुडा को निर्देश दिए कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आध्यात्मिक नगर परियोजनाओं की संभावनाएं भी तलाशें ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। धर्माणी ने कहा कि हिमाचल को सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत आईटी टाउनशिप परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि राज्य में आधुनिक टेक्नोलॉजी उद्योगों को बढ़ावा मिले।
माउंटेन सिटी परियोजना की समीक्षा, कार्य प्रणाली में सुधार
मंत्री ने शिमला में ट्रैफिक और जनसंख्या दबाव को कम करने के उद्देश्य से जाठिया देवी में निर्मित की जा रही माउंटेन सिटी परियोजना की भी समीक्षा की। इसके अलावा, बैठक में निजी भागीदारों के साथ रियल एस्टेट परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। धर्माणी ने बताया कि हिमुडा में लंबे समय से गैर-क्रियाशील पदों का युक्तिकरण किया गया है। साथ ही संगठन की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न श्रेणियों के 46 नए पद सृजित किए गए हैं।
