एआरबी टाइम्स ब्यूरो
रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश में इस बार भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण बागवान पहले से ही संकट में हैं। ऐसे में HPMC द्वारा ननखड़ी, 12/20 और नरेन क्षेत्रों में सी ग्रेड सेब (बोरिया वाले सेब) को न खरीदने का फैसला बागवानों के लिए एक और बड़ा झटका साबित हुआ है।
पूर्व भाजपा प्रत्याशी कौल नेगी ने सरकार और HPMC पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह कदम बागवानों के साथ सरासर अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर कुदरत के कहर से बागवान परेशान हैं और दूसरी ओर सरकार और HPMC तुगलकी फरमान थोपकर आर्थिक नुकसान पहुँचा रही है।
कौल ने बताया कि HPMC ने ननखड़ी तहसील के गाहन, अड्डू, ननखड़ी, कुगलबाल्टी, जबालड़ा, खमाड़ी, खनोग, पनेल, राम्पुर सहित 12/20 क्षेत्र के देवठी, कुहल, कंछिन और नरेन क्षेत्र के बाहली, पलजारा, जराशी में सेब खरीद केंद्र खोले हैं। लेकिन सी ग्रेड सेब खरीदने से इंकार कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से बागवानों को मंडियों तक सेब पहुँचाने में पहले ही भारी कठिनाई हो रही है। हजारों पेटियां खेतों में पड़ी हैं और अगर मौसम व सड़क बहाली में सुधार नहीं हुआ तो सेब सड़ने से किसानों को करोड़ों का नुकसान हो सकता है।
कौल ने कहा कि यह निर्णय न सिर्फ बागवानों बल्कि प्रदेश की आर्थिकी और बागवानी क्षेत्र के लिए भी एक बड़ा झटका है। उन्होंने सरकार से मांग की कि तुरंत HPMC को सी ग्रेड सेब खरीदने के निर्देश दिए जाएं और बागवानों को राहत प्रदान की जाए।
