एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
Students’ Federation of India (SFI) की विश्वविद्यालय इकाई ने आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के ऐतिहासिक पिंक पेटल परिसर में छात्र मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई और लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग उठाई गई।
प्रमुख मांगें
सभी छात्रों के लिए बस सुविधा उपलब्ध करवाई जाए
SFI ने कहा कि विश्वविद्यालय में दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र पढ़ने आते हैं। पहले परिसर में छह बसें संचालित होती थीं, लेकिन वर्तमान में केवल दो बसें ही उपलब्ध हैं। इसके कारण छात्रों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने मांग की कि सभी छात्रों के लिए पर्याप्त बस सुविधा बहाल की जाए।
हॉस्टल का शीघ्र रिनोवेशन और पार्किंग समस्या का समाधान
SFI ने आरोप लगाया कि लंबे समय से विश्वविद्यालय के हॉस्टलों का रिनोवेशन नहीं हुआ है। कई बार मांग उठाने के बावजूद प्रशासन द्वारा इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसके अलावा परिसर में पार्किंग की समस्या भी लगातार बढ़ रही है, जिससे छात्रों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
छात्र नेताओं के वक्तव्य
प्रिया ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रों की मूलभूत मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।
कैंपस वाइस प्रेसिडेंट आशीष कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रदेश के 12 जिलों से छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। विश्वविद्यालय को स्थापित हुए 56 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज भी छात्र बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
अंत में कैंपस सचिव कॉमरेड मुकेश ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो SFI सभी छात्रों को लामबंद कर विश्वविद्यालय परिसर में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
