एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ (हपुटवा) द्वारा आज कुलपति कार्यालय के बाहर मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। संघ ने कहा कि प्रदेश सरकार और वित्त विभाग उच्च शिक्षा के प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए है, जिसके चलते विश्वविद्यालय का नियमित सरकारी अनुदान समय पर जारी नहीं किया जा रहा।
संघ के अध्यक्ष डॉ. नितिन व्यास, महासचिव अंकुश एवं डॉ. अंजलि ने संयुक्त बयान में आरोप लगाया कि वित्त सचिव जानबूझकर विश्वविद्यालय के सरकारी अनुदान को रोक कर प्रदेश सरकार की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का 152 करोड़ का अनुदान हर महीने आंदोलन के बाद ही किश्तों में जारी होता है, जबकि दूसरी ओर विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों के भत्ते और वेतन संशोधन बिना देरी के जारी हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के वेतन और डीए की किस्त जारी करने में वित्तीय संकट का हवाला देकर देरी की जाती है, जिससे विश्वविद्यालय का प्रत्येक कर्मचारी मानसिक दबाव में है।
हपुटवा ने चेतावनी दी कि वित्त सचिव की विश्वविद्यालय आगमन की अगली बैठक में संघ उनका विरोध करेगा और घुसने नहीं दिया जाएगा। संघ ने मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुखू से मामले में हस्तक्षेप कर वित्त सचिव का तुरंत स्थानांतरण करने की मांग की।
संघ ने घोषणा की कि कल से सुबह 10:30 बजे से विश्वविद्यालय में कक्षाओं का बहिष्कार किया जाएगा। वहीं, सोमवार 10 नवंबर को शिक्षक राजभवन तक मार्च करेंगे।
