एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
2025 बैच के प्रोबेशनर आईएएस अधिकारियों के एक दल ने शिमला में उपायुक्त अनुपम कश्यप से मुलाकात की। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को पारंपरिक शॉल और टोपी पहनाकर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान अधिकारियों ने भी उपायुक्त को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
उल्लेखनीय है कि लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी से 12 प्रोबेशनर आईएएस अधिकारियों का दल 17 मार्च से 22 मार्च 2026 तक शिमला के विंटर स्टडी टूर पर है। इस दौरान अधिकारी भारतीय उन्नत अध्ययन संस्थान, केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय जाखू सहित विभिन्न संस्थानों का दौरा कर रहे हैं।
उपायुक्त ने अधिकारियों को मशोबरा स्थित बाल देखभाल संस्थान (CCI) का दौरा करने और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना की जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत निराश्रित एवं बेसहारा बच्चों को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” का दर्जा दिया गया है और उनकी शिक्षा, आवास, भोजन एवं अन्य आवश्यकताओं का पूरा खर्च प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, उपायुक्त ने अधिकारियों को 21 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट सत्र में भाग लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यह विंटर स्टडी टूर अधिकारियों को यह समझने का अवसर देगा कि सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर कैसे लागू किया जाता है, जिससे उनमें समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता विकसित होगी।
इस अवसर पर तहसील कल्याण अधिकारी सुरेंदर बिमटा भी उपस्थित रहे, जिन्हें जिला प्रशासन द्वारा प्रोबेशनर आईएएस अधिकारियों के दल के साथ नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है।
