एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज जिला शिमला में नए मतदान केंद्रों के निर्माण और मौजूदा मतदान केंद्रों के युक्तिकरण को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई और उपस्थित दलों ने इस पर अपनी सहमति व्यक्त की।
छह नए मतदान केंद्रों के निर्माण का प्रस्ताव
बैठक में बताया गया कि जिला शिमला के विभिन्न क्षेत्रों में 6 नए मतदान केंद्र बनाने के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं:
-
60-चौपाल विधानसभा क्षेत्र: बुजुर्ग मतदाताओं की सुविधा के लिए राजकीय प्राथमिक पाठशाला आहोंग में 108ए-आहोंग और राजकीय प्राथमिक पाठशाला डाक शरड़ में 128ए-डाक शरड़ मतदान केंद्र।
-
64-शिमला ग्रामीण: मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक होने के कारण राजकीय प्राथमिक पाठशाला सुन्नी में 11(ए)-सुन्नी-II।
-
65-जुब्बल-कोटखाई: मंढोल में 103(ए)-मंढोल-II और नंदपुर में 125(ए)-नंदपुर-II मतदान केंद्र प्रस्तावित।
-
66-रामपुर (अनुसूचित जाति क्षेत्र): राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दत्तनगर-II में 50(ए)-दत्तनगर-II।
छह मतदान केंद्रों का युक्तिकरण प्रस्तावित
बैठक में बताया गया कि जिला शिमला के मतदान केंद्रों का युक्तिकरण भी प्रस्तावित है जिनमें 61-ठियोग विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र 127-कोटि के सेक्शन पेन्सीजल को मतदान केंद्र 128-बजोआ (राजकीय प्राथमिक पाठशाला बजोआ) में बदलने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार, 62-कसुम्पटी के मतदान केंद्र 77-पटयोग-VII में मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक होने के कारण इसके सेक्शन अप्पर कंगनाधार को मतदान केंद्र 76-पटयोग-VI में बदलने तथा ,मतदान केंद्र 79-सरघीन के सेक्शन माथी देवी निवास क्षेत्र पंथाघाटी और जग्गर नाथ निवास क्षेत्र पंथाघाटी को मतदान केंद्र 82-मेहली-II में बदलने का प्रस्ताव है। इसी तरह, 64-शिमला (ग्रामीण) के मतदान केंद्र 4-मँढोलघाट के 4 सेक्शन सैंज को मतदान केंद्र 3-मछरयाना, जूनि कलां को मतदान केंद्र 5-कंडोला और जूनि खुर्द व काटली को मतदान केंद्र 6-जमोग में बदलने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है।
14 मतदान केंद्रों के भवनों का स्थानांतरण प्रस्तावित
भवनों की जर्जर स्थिति, निर्माण कार्य अथवा प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 14 मतदान केंद्रों को दूसरे भवनों में स्थानांतरित किया जाना प्रस्तावित है। इनमें प्रमुख रूप से चौपाल, कसुम्पटी, शिमला ग्रामीण, जुब्बल-कोटखाई और रोहडू क्षेत्रों के मतदान केंद्र शामिल हैं। स्थानांतरित किए जाने वाले भवनों में राजकीय स्कूलों, पंचायत घरों और महिला मंडल भवनों को विकल्प के रूप में प्रस्तावित किया गया है।
मतदाताओं में न हो भ्रम, नामकरण में सावधानी बरतने के निर्देश
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदान केंद्रों के नाम में होने वाले बदलाव के कारण मतदाताओं में भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी भवन या विद्यालय का नाम परिवर्तित होता है तो वोटर स्लिप में पुराने और नए नाम दोनों का उल्लेख किया जाए। साथ ही निर्वाचन कानूनगो को निर्देश दिए कि मतदान केंद्र के प्रस्ताव तैयार करने से पहले पिछले दो लोकसभा और विधानसभा चुनावों के मत प्रतिशत की जांच अनिवार्य रूप से करें।
अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारियां
नवनियुक्त इलेक्शन कानूनगो को अपने-अपने क्षेत्रों के सभी मतदान केंद्रों का भौतिक निरीक्षण करने और उनकी वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, उन्हें संभावित स्ट्रांग रूम या अन्य चुनावी उपयोग हेतु भवनों की पहचान करने के लिए भी कहा गया।
सभी दलों ने दी सहमति
बैठक में कांग्रेस, बीजेपी, सीपीआईएम, बीएसपी सहित अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और प्रस्तुत किए गए प्रस्तावों पर अपनी सहमति व्यक्त की। बैठक में यह भी बताया गया कि सभी प्रस्तावों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को अग्रेषित किया जाएगा और चुनाव आयोग की स्वीकृति के उपरांत ही अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।
उपस्थित रहे प्रमुख प्रतिनिधि
बैठक में सीपीआईएम से सुनील वशिष्ट, बीजेपी से राजीव पंडित और श्रवण कुमार, बीएसपी से हरीश, कांग्रेस से सुरेश कुमार सहित निर्वाचन विभाग के नायब तहसीलदार, इलेक्शन कानूनगो तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
