एआरबी टाइम्स ब्यूरो, बिलासपुर
हिमाचल के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने ग्राम पंचायत करलोटी में कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार का मुख्य उद्देश्य आमजन का कल्याण और जन समस्याओं का समाधान है। पिछले ढाई वर्षों में सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके। धर्माणी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में पहले देशभर में 21वें स्थान पर था। सरकार के अथक प्रयासों से अब राज्य तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें छह विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति होगी। हाल ही में 200 डॉक्टरों की नियुक्ति हो चुकी है और 200 और पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है।
आईटीआई स्तर पर कृषि और पशुपालन पाठ्यक्रम
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब तक कृषि और बागवानी से संबंधित उच्च स्तरीय पाठ्यक्रम ही उपलब्ध थे। लेकिन समय की जरूरत को देखते हुए सरकार ने आईटीआई स्तर पर कृषि, बागवानी और पशुपालन से जुड़े कोर्स शुरू किए हैं। इससे युवाओं को आधुनिक खेती-बाड़ी तकनीकों से जोड़ने के साथ विदेशों में रोजगार पाने का अवसर भी मिलेगा। मंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेती-बाड़ी और पशुपालन से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें। सरकार ने प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों द्वारा तैयार उत्पादों का समर्थन मूल्य तय किया है। इस कदम का उद्देश्य युवाओं और शिक्षित बेरोजगारों को कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार से जोड़ना है।
