एआरबी टाइम्स ब्यूरो, कुल्लू
अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के 72वें जिला स्तरीय सहकारी समारोह की अध्यक्षता करते हुए विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने गुरुवार को कुल्लू स्थित रथ मैदान में कहा कि ग्रामीण आर्थिक सुदृढ़ीकरण में सहकारी सभाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सहकारिता का मूल उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के आर्थिक विकास को गति देना है।
विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष भी है और प्रदेश सहित कुल्लू जिला की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहकारी संस्थाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला में सहकारिता आंदोलन काफी सशक्त है और इसे और विस्तार दिए जाने की आवश्यकता है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को इस व्यवस्था से जोड़कर आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा दुग्ध के दाम बढ़ाए जाने से किसानों और दुग्ध उत्पादकों को बड़ी राहत मिली है, जिससे पशुपालन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिल रहा है। विधायक ने सहकारी विभाग को सहकारी सभाओं के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने प्रतिनिधियों की समस्याओं को सरकार के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया तथा कुल्लू में जिला सहकार भवन निर्माण के लिए धन उपलब्ध करवाने की भी बात कही।
इस अवसर पर मिल्क फेड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने बताया कि कुल्लू के लिए दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट हेतु भूमि चयन की प्रक्रिया जारी है। सरकार प्रत्येक गांव को इस मिशन से जोड़ने को प्रतिबद्ध है, जिससे विशेषकर ग्रामीण महिलाओं की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी।
जिला सहकार संघ के अध्यक्ष अनिल सूद ने मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्यों का स्वागत किया और जिले में सहकारी सभाओं की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी साझा की। कार्यक्रम में सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं कुल्लू से जुड़े दिनेश सेन ने भी संबोधित किया।
इस मौके पर दौलत ठाकुर, जिला परिषद अध्यक्ष पंकज परमार, सदस्य आशा ठाकुर तथा हिमको फेड के अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
