एआरबी टाइम्स ब्यूरो | कुल्लू
कुल्लू में आपदा न्यूनीकरण को ध्यान में रखते हुए नदियों में बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कुल्लू ने नदी तलों में ड्रेजिंग और खनन कार्यों की निगरानी के लिए एक जिला स्तरीय समिति का गठन किया है।
बुधवार को उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने बताया कि समिति का मुख्य उद्देश्य बाढ़ की रोकथाम के लिए ड्रेजिंग योग्य क्षेत्रों की पहचान करना, राजस्व दस्तावेज तैयार करना, निर्देशांक तय करना और ड्रेजिंग से निकलने वाली सामग्री की मात्रा निर्धारित करना है। इसके लिए वन विभाग के माध्यम से ‘रिप्लेनिशमेंट स्टडी’ करवाई जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि उद्योग विभाग 3 मीटर तक की गहराई वाली खनन योजनाओं को मंजूरी देगा। वहीं, हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम निविदा दस्तावेज तैयार कर आधार मूल्य तय करेगा और नीलामी प्रक्रिया शुरू करेगा। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि ड्रेजिंग की गहराई का निर्धारण स्थल की आवश्यकता और वैज्ञानिक अध्ययन की सिफारिशों के आधार पर किया जाएगा, ताकि पर्यावरण संतुलन भी बना रहे।
बैठक में अतिरिक्त जिला उपायुक्त अश्वनी कुमार, एसडीएम निशांत ठाकुर, डीएफओ एंजेल ठाकुर, डीएम फॉरेस्ट कॉरपोरेशन बनीश ठाकुर, खनन विभाग के महेंद्र ठाकुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
