एआरबी टाइम्स ब्यूरो, मंडी
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज उपायुक्त कार्यालय के वीसी रूम में वन अधिकार कानून 2006 के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपमंडल स्तरीय समितियों द्वारा सत्यापित कर मंजूरी के लिए भेजे गए मामलों की समीक्षा की गई।
विस्तृत चर्चा के बाद, समिति ने 10 सामुदायिक वन अधिकार दावों को स्वीकृति प्रदान की। इनमें तहसील जोगिन्द्रनगर की ग्राम पंचायत सगनेहड़ की फॉरेस्ट राइट कमेटी नागन, तहसील लडभड़ोल की ग्राम पंचायत मतेहड़ की फॉरेस्ट राइट कमेटी काला अंब, ग्राम पंचायत उपरीधार की कफलौन कमेटी, ग्राम पंचायत रोपड़ी की बेला कमेटी और मतेहड़ की जोल, अरला, पनीरू, लाहला व तरिंड कमेटियां शामिल हैं।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने सभी उपमंडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन अधिकार कानून से संबंधित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के लिए नियमित बैठकें आयोजित की जाएं। उन्होंने बताया कि यह कानून उन लोगों को कानूनी अधिकार प्रदान करता है जो पीढ़ियों से वनों में निवास करते आए हैं या वनों पर आश्रित हैं, लेकिन जिनके अधिकारों को अब तक औपचारिक मान्यता नहीं मिली थी।
उन्होंने आगे बताया कि पात्र परिवार और ग्राम सभाएं ग्राम सभा के माध्यम से फॉरेस्ट राइट कमेटी को अपने दावे प्रस्तुत कर सकती हैं। इन दावों का सत्यापन ग्राम सभा और उपमंडल स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है, जिसके बाद मामले जिला स्तरीय समिति की मंजूरी के लिए भेजे जाते हैं।
बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार, एसडीएम मंडी सदर रूपिन्द्र कौर, एसडीएम जोगिन्द्रनगर मनीष चौधरी, डीएफओ सुन्दरनगर राकेश कटोच, डीएफओ नाचन एसएस कश्यप, डीएफओ जोगिन्द्रनगर अश्विनी शर्मा और डीएफओ करसोग भाग सिंह नेगी उपस्थित रहे। अन्य एसडीएम वर्चुअली शामिल हुए।
