एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
हिमाचल प्रदेश दुग्ध उत्पादक संघ की रामपुर इकाई ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर दुग्ध उत्पादकों की कई ज्वलंत समस्याओं और मांगों को लेकर ध्यान आकर्षित किया है। यह ज्ञापन उप मंडल अधिकारी नागरिक, रामपुर के माध्यम से भेजा गया।
रामपुर के संयोजक प्रेम चौहान, देवकी नंद, तुला राम शर्मा व पूर्ण ठाकुर आदि ने बताया कि अगस्त और सितम्बर 2025 के दूध का भुगतान अब तक नहीं किया गया है, जिससे किसान वर्ग आर्थिक संकट में है। दुग्ध उत्पादकों की प्रमुख मांगों में सभी सोसाइटियों में दूध की गुणवत्ता मापने के लिए टेस्टिंग मशीनें देने, सोसाइटी सचिवों को गुणवत्ता जांच के लिए प्रशिक्षण देने और बेहतर डेयरी फीड की व्यवस्था शामिल है। इसके अलावा, दुधारू पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान के लिए पशु औषधालयों में बेहतर वीर्य, दवाइयां और तकनीक उपलब्ध करवाने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही मिल्क प्लांट में खाली पड़े पदों को तत्काल भरने की भी मांग की गई है।
संघ ने कहा कि ये समस्याएं यदि शीघ्र हल नहीं हुईं, तो दुग्ध उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और किसान वर्ग का मनोबल टूटेगा। उन्होंने सरकार से अपील की है कि इन समस्याओं को शीघ्र अति शीघ्र प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। हिमाचल में डेयरी उद्योग से हजारों किसान जुड़े हैं, ऐसे में यह ज्ञापन सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि जमीनी स्तर की समस्याओं को अनदेखा न किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अब भी दुग्ध उत्पादकों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो भविष्य में आंदोलन किया जाएगा।
